Overview
The Supreme Court ने 16 March 2026 को हिमाचल प्रदेश की अपील को खारिज कर दिया और हाई कोर्ट के Surat Singh के बरी करने के आदेश को पुष्टि की, जो NDPS Act के तहत था। कोर्ट ने कहा कि पुलिस ने आरोपी को पुलिस अधिकारी के सामने खोज करने का विकल्प अवैध रूप से दिया, जिससे Section 50 का उल्लंघन हुआ और पूरी सुनवाई निरर्थक हो गई।
Key Developments
- Supreme Court ने हाई कोर्ट के आदेश को बरकरार रखा, जिसमें आरोपी को Section 20 के अपराध से बरी किया गया।
- पुलिस ने तीन विकल्प पेश किए: न्यायाधीश के सामने खोज, गजेटेड अधिकारी के सामने खोज, या जांच अधिकारी (I.O.) के सामने खोज – तीसरा विकल्प अनुमति नहीं है।
- कोर्ट ने कानूनी स्थिति को सुदृढ़ करने के लिए Suresh v. State of Madhya Pradesh का हवाला दिया।
- परिणामस्वरूप राज्य की अपील को खारिज कर दिया गया; बरी का फैसला बरकरार है।
Important Facts of the Case
हिमाचल प्रदेश के धंगु धंक के पास एक नियमित चेकपॉइंट पर पुलिस ने बैकपैक लेकर चल रहे आरोपी को रोका। भागने की कोशिश करने पर उसे पकड़ लिया गया, और खोज में लगभग 11 kg + 50 g of charas (भांग का एक रूप) बरामद हुआ। तस्कर वस्तु को सील कर फॉरेंसिक विश्लेषण के लिए भेजा गया। ट्रायल कोर्ट ने आरोपी को दोषी ठहराया, दस साल की कठोर कारावास और ₹1 lakh का जुर्माना सुनाया। हाई कोर्ट ने बाद में दोषसिद्धि को उलट दिया, क्योंकि Section 50 की अनिवार्य सुरक्षा का पालन नहीं किया गया था। राज्य ने अपील की, जिससे Supreme Court ने इस फैसले की पुष्टि की।
Key Legal Terms Explained
Charas बरामद किया गया नशीला पदार्थ है। एक