Supreme Court ने पहला Passive Euthanasia आदेश दिया, Vegetative‑State रोगी के लिए Life Support हटाने की अनुमति दी — UPSC Current Affairs | March 11, 2026
Supreme Court ने पहला Passive Euthanasia आदेश दिया, Vegetative‑State रोगी के लिए Life Support हटाने की अनुमति दी
Supreme Court ने 11 March 2026 को एक ऐतिहासिक आदेश में 32‑वर्षीय Harish Rana, जो 13 वर्षों से persistent vegetative state में है, के लिए life‑support हटाने की अनुमति देकर पहला passive euthanasia मामला मंजूर किया। यह निर्णय 2018 Common Cause judgment को लागू करता है, Primary और Secondary Medical Boards की भूमिका को रेखांकित करता है, और end‑of‑life care पर व्यापक legislation की आवश्यकता को संकेत देता है।
सारांश Supreme Court ने 11 March 2026 को अपना पहला आदेश जारी किया, जो passive euthanasia की अनुमति देता है। यह आदेश Harish Rana, 32‑वर्षीय, जो चौथी मंजिल की इमारत से गिरने के बाद 13 वर्षों से PVS में है, के लिए life‑support उपायों को हटाने का अधिकार देता है। मुख्य विकास Justice J.B. Pardiwala और Justice K.V. Viswanathan की बेंच ने पिता के विविध आवेदन को सभी life‑sustaining उपचार को हटाने के लिए स्वीकार किया। Primary और Secondary medical boards ने निष्कर्ष निकाला कि निरंतर CAN रोगी के सर्वोत्तम हित में नहीं है। Court ने 30‑day पुनर्विचार अवधि को माफ़ किया और AIIMS को निर्देश दिया कि वह रोगी को अपने palliative‑care केंद्र में गरिमापूर्ण हटाने के लिए भर्ती करे। सभी State High Courts को निर्देश दिया गया कि वे अस्पतालों के लिए दिशानिर्देश जारी करें, जिससे जब medical boards एकमत से हटाने की स्वीकृति दें तो Judicial Magistrates को सूचित किया जाए। Union of India से कहा गया कि वह सुनिश्चित करे कि प्रत्येक जिले के Chief Medical Officer के पास secondary board के नामांकन के लिए पंजीकृत चिकित्सकों का पैनल हो। महत्वपूर्ण तथ्य Harish Rana की स्थिति केवल CAN द्वारा एक सर्जिकल रूप से स्थापित PEG ट्यूब के माध्यम से, तथा श्वास के लिए ट्रैकेओस्टॉमी के साथ बनी हुई है। पिछले 13 वर्षों के मेडिकल रिपोर्टों में कोई न्यूरोलॉजिकल सुधार नहीं दिखता।