Supreme Court RPWD Act को विस्तारित कर forced acid‑ingestion पीड़ितों की सुरक्षा करता है – एक विकलांगता अधिकार मील का पत्थर
RPWD Act, 2016 शारीरिक या मानसिक अक्षमता के आधार पर विकलांगताओं को वर्गीकृत करता है, लेकिन forced acid ingestion को छोड़ देता है, जिससे एक कानूनी शून्य बनता है। Supreme Court की व्याख्या इस अंतर को पाटती है, समानता और गरिमा की संवैधानिक दायित्व को दर्शाती है, और भारत के सामाजिक न्याय एजेंडा में आपराधिक कानून और विकलांगता विधायी के बीच अंतःक्रिया को उजागर करती है।
GS II (Polity) – विकलांगता अधिकारों के लिए वैधानिक कवरेज का विस्तार करने में न्यायिक सक्रियता के महत्व पर चर्चा करें, 2026 के Supreme Court के forced acid ingestion के निर्णय को केस स्टडी के रूप में उपयोग करते हुए।
संवैधानिक प्रावधान – Article 21
विकलांगता विधि – RPWD Act कार्यान्वयन
न्यायिक सक्रियता और सामाजिक न्याय
Supreme Court RPWD Act को विस्तारित कर forced acid‑ingestion पीड़ितों की सुरक्षा करता है – एक विकलांगता अधिकार मील का पत्थर
RPWD Act, 2016 शारीरिक या मानसिक अक्षमता के आधार पर विकलांगताओं को वर्गीकृत करता है, लेकिन forced acid ingestion को छोड़ देता है, जिससे एक कानूनी शून्य बनता है। Supreme Court की व्याख्या इस अंतर को पाटती है, समानता और गरिमा की संवैधानिक दायित्व को दर्शाती है, और भारत के सामाजिक न्याय एजेंडा में आपराधिक कानून और विकलांगता विधायी के बीच अंतःक्रिया को उजागर करती है।
GS II (Polity) – विकलांगता अधिकारों के लिए वैधानिक कवरेज का विस्तार करने में न्यायिक सक्रियता के महत्व पर चर्चा करें, 2026 के Supreme Court के forced acid ingestion के निर्णय को केस स्टडी के रूप में उपयोग करते हुए।