<p>The <span class="key-term" data-definition="Supreme Court of India — वह सर्वोच्च न्यायिक संस्था जो संविधान की व्याख्या करती है और नीति कार्यान्वयन के लिए निर्देश जारी कर सकती है (GS2: Polity)">Supreme Court</span> ने 21 July 2026 को RPwD Act के तहत अधिक सुदृढ़ grievance redressal की मांग करने वाले <span class="key-term" data-definition="Public Interest Litigation (PIL) — एक कानूनी तंत्र जो किसी भी नागरिक को सार्वजनिक हित के कारण के लिए न्यायालय में जाने की अनुमति देता है (GS2: Polity)">PIL</span> को सूचीबद्ध किया। याचिका का उद्देश्य दिव्यांग कमिश्नरों की सिफारिशों को लागू करना और दिव्यांग आयोगों के कार्य में मौजूद खामियों को दूर करना है।</p>
<h3>Key Developments</h3>
<ul>
<li>Bench of <strong>Justice Vikram Nath</strong> और <strong>Justice Prasanna B. Varale</strong> ने याचिका (W.P.(C) No. 715/2026) पर नोटिस जारी किया।</li>
<li>याचिका Sections <strong>76</strong> और <strong>81</strong> of the RPwD Act के साथ गैर‑अनुपालन को उजागर करती है, जो प्राधिकरणों को कमिश्नरों की सिफारिशों पर तीन महीने के भीतर कार्रवाई करने का आदेश देती हैं।</li>
<li>डेटा (2022‑2024) दर्शाता है कि केवल <strong>10‑15%</strong> गैर‑अनुपालन मामलों में अस्वीकृति के कारण प्रदान किए गए हैं।</li>
<li>केवल <strong>4</strong> State Commissioners के पास ऑनलाइन grievance पोर्टल है; <strong>20</strong> के पास कार्यशील वेबसाइट नहीं है।</li>
<li>केंद्र में Chief Commissioner का पद 2019 से खाली है और Section 74(2) के तहत दो पदों में से एक अभी भी खाली है।</li>
<li>Chief Commissioner के कार्यालय के लिए बजट केवल <strong>₹5.5 crore</strong> (2025‑26) और <strong>₹6.5 crore</strong> (2026‑27) है, जो अन्य वैधानिक निकायों की तुलना में बहुत कम है।</li>
</ul>
<h3>Important Facts</h3>
<p>The RPwD Act designates the <span class="key-term" data-definition="Chief Commissioner for Persons with Disabilities (CCPD) — वह वैधानिक प्रमुख जो केंद्र स्तर पर दिव्यांग अधिकारों के कार्यान्वयन की देखरेख करता है (GS2: Polity)">Chief Commissioner for Persons with Disabilities</span> (CCPD) और <span class="key-term" data-definition="State Commissioners for Persons with Disabilities (SCPDs) — राज्य‑स्तर के निकाय जो अपने‑अपने राज्यों में दिव्यांग अधिकारों की निगरानी और प्रवर्तन करते हैं (GS2: Polity)">State Commissioners for Persons with Disabilities</span> (SCPDs) को मुख्य निगरानी एजेंसियों के रूप में निर्धारित करता है। Sections <strong>74(8)</strong> और <strong>79(7)</strong> प्रत्येक कमिश्नर को डोमेन विशेषज्ञों की एक advisory committee रखने का आदेश देती हैं, लेकिन सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी के अनुसार ऐसी कोई समिति मौजूद नहीं है। यद्यपि Section <strong>93</strong> कमिश्नरों को गैर‑अनुपालन प्राधिकरणों पर दंड लगाने का अधिकार देती है, लेकिन यह प्रावधान बहुत कम उपयोग किया जाता है।</p>
<h3>UPSC Relevance</h3>
<p>दिव्यांग ढाँचे को समझना GS II (Polity) और G ...</p>