अवलोकन
Supreme Court 26 भारतीयों के परिवारों द्वारा दायर writ petition पर सुनवाई कर रहा है, जिन्हें कथित तौर पर Russia‑Ukraine युद्ध में लड़ने के लिए मजबूर किया गया था। Union ने एक स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत की है जिसमें बताया गया है कि Russian Armed Forces में शामिल 217 भारतीय नागरिकों में से 139 रिहा किए जा चुके हैं, 49 मृत हैं और 6 अभी भी लापता हैं।
मुख्य विकास
- Union Government कहता है कि कूटनीतिक हस्तक्षेप के बाद 139 नागरिकों को रिहा किया गया है।
- 49 Indian volunteers की जान गई है; 6 अभी भी लापता हैं।
- 26 याचिकाकर्ताओं के परिवारों में, 14 मौतें, 11 MIA, और 1 व्यक्ति एक आपराधिक मामले में है।
- 8 मृत नागरिकों के अवशेष परिवारों को सौंपे जा चुके हैं; DNA सत्यापन चल रहा है।
- Russia ने प्रत्येक परिवार को Rs.1.5 crore के साथ Rs.40,000 मासिक पेंशन का मुआवजा प्रस्तावित किया है, लेकिन फॉलो‑अप लंबित है।
महत्वपूर्ण तथ्य
Union Government कहता है कि अधिकांश volunteers ने स्वेच्छा से अनुबंध में प्रवेश किया, हालांकि कुछ को एजेंटों द्वारा धोखा दिया गया। Additional Solicitor General Aishwarya Bhati ने स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत की और चल रहे कांसुलर और कूटनीतिक उपायों पर ज़ोर दिया। DNA मिलान, पहचान की पुष्टि करने की वैज्ञानिक विधि, अवशेषों की सत्यापन के लिए उपयोग की जा रही है। CJI Surya Kant के नेतृत्व में बेंच ने याचिकाकर्ताओं को रिपोर्ट का जवाब देने की स्वतंत्रता दी और निर्देश दिया कि कोई भी लाभ उचित चैनलों के माध्यम से दावा किया जाए।
UPSC प्रासंगिकता
यह मामला कई GS विषयों को छूता है। यह Supreme Court की विदेश में नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा में भूमिका को दर्शाता है (GS2)। कूटनीतिक सहभागिता भारत की विदेश नीति उपकरणों को प्रदर्शित करती है, जिसमें consular diplomacy शामिल है।