Overview
Supreme Court की नौ‑जज बेंच 22 April 2026 को चल रहे Sabarimala reference की सुनवाई कर रही है। मुख्य मुद्दा यह है कि क्या ERP test को व्यक्तिगत धार्मिक स्वतंत्रता (Article 25) और denominational अधिकारों (Article 26) के बीच संतुलन को नियंत्रित करना जारी रखना चाहिए।
Key Developments
- न्यायाधीश Ahsanuddin Amanullah और BV Nagarathna ने धार्मिक अभ्यास की पहचान के लिए “prima facie” थ्रेशोल्ड की आवश्यकता पर बहस की।
- वरिष्ठ वकील V Giri, Gopal Sankaranarayanan, J Sai Deepak और Gopal Subramanium ने ERP टेस्ट को बरकरार रखने, संशोधित करने या हटाने की वकालत की।
- बेंच ने ऐतिहासिक Dargah Committee judgment (1961) और Shirur Mutt judgment (1954) की जांच की।
- चर्चा इस बात पर केंद्रित रही कि क्या Article 26(b) Article 25(2)(b) में निर्धारित सीमाओं के अधीन है, विशेषकर सामाजिक‑सुधार विधायन और हाशिए पर रहने वाले समूहों के प्रवेश अधिकारों के संदर्भ में।
Important Facts
• ERP टेस्ट के लिए यह आवश्यक है कि कोई अभ्यास “essential and integral” हो ताकि वह Article 26 के तहत सुरक्षा प्राप्त कर सके।
• Article 25(1) सार्वजनिक व्यवस्था, नैतिकता और स्वास्थ्य के अधीन, अंतरात्मा और धर्म की स्वतंत्रता की गारंटी देता है।
• Article 26(b) धार्मिक संप्रदायों को अपने मामलों का प्रबंधन करने का अधिकार देता है, लेकिन इसका Article 25(2) से स्वतंत्रता की सीमा अभी विवादित है।
Exam Relevance
यह बहस व्यक्तिगत अधिकारों और ... के बीच संवैधानिक तनाव को दर्शाती है।
