
Supreme Court ने सभी दत्तक माताओं के लिए मातृत्व अवकाश का विस्तार किया, लिंग‑तटस्थ सामाजिक सुरक्षा सुधारों को उजागर किया।
Social Security Code, 2020 की Section 60(4) ने Maternity Benefit Act, 1961 से तीन‑महीने की आयु सीमा को विरासत में प्राप्त किया था, जिससे बड़े शिशु की दत्तक माताओं को वैधानिक मातृत्व अवकाश से वंचित किया जाता था। Supreme Court का यह निर्णय श्रम कानून को संवैधानिक समानता (Art 14) और जीवन एवं स्वतंत्रता के अधिकार (Art 21) के साथ संरेखित करता है, और भारत में लिंग‑तटस्थ सामाजिक सुरक्षा सुधारों की व्यापक धक्का को दर्शाता है।
GS‑2 (Polity & Governance) – श्रम‑कानून प्रावधानों की संवैधानिक वैधता और लिंग‑तटस्थ सामाजिक सुरक्षा की आवश्यकता पर चर्चा करें, इस निर्णय को पितृ अवकाश जैसे व्यापक नीति सुधारों से जोड़ें।
संवैधानिक प्रावधान – समानता और जीवन का अधिकार
श्रम कानून सुधार और संवैधानिक वैधता
श्रम विधायी और सामाजिक सुरक्षा में लिंग समानता
Supreme Court ने सभी दत्तक माताओं के लिए मातृत्व अवकाश का विस्तार किया, लिंग‑तटस्थ सामाजिक सुरक्षा सुधारों को उजागर किया।
Social Security Code, 2020 की Section 60(4) ने Maternity Benefit Act, 1961 से तीन‑महीने की आयु सीमा को विरासत में प्राप्त किया था, जिससे बड़े शिशु की दत्तक माताओं को वैधानिक मातृत्व अवकाश से वंचित किया जाता था। Supreme Court का यह निर्णय श्रम कानून को संवैधानिक समानता (Art 14) और जीवन एवं स्वतंत्रता के अधिकार (Art 21) के साथ संरेखित करता है, और भारत में लिंग‑तटस्थ सामाजिक सुरक्षा सुधारों की व्यापक धक्का को दर्शाता है।
GS‑2 (Polity & Governance) – श्रम‑कानून प्रावधानों की संवैधानिक वैधता और लिंग‑तटस्थ सामाजिक सुरक्षा की आवश्यकता पर चर्चा करें, इस निर्णय को पितृ अवकाश जैसे व्यापक नीति सुधारों से जोड़ें।