Overview
The Supreme Court on 10 April 2026 ने C Geetha की याचिका को खारिज किया, जिसकी नाम Tamil Nadu में electoral roll से हटाया गया था। ECI ने इस याचिका का विरोध इस कारण किया कि चुनौती निर्धारित समय सीमा के बाद दायर की गई थी।
Key Developments
- Petitioner C Geetha, 2007 से लगातार मतदाता, Uthangarai और Bargur निर्वाचन क्षेत्रों से स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ना चाहती थीं।
- Senior Advocate Gopal Sankaranarayanan ने तर्क दिया कि याचिकाकर्ता का पासपोर्ट, Aadhaar और EPIC उसकी पात्रता सिद्ध करते हैं।
- Bench जिसमें Chief Justice of India Surya Kant, Justice Joymalya Bagchi और Justice Vipul Pancholi शामिल थे, ने याचिका को खारिज किया।
- Senior Advocate Dama Seshadri Naidu ने दोहराया कि अनुरोध “बहुत देर” से आया था।
- Madras High Court ने समान याचिका को 7 April 2026 को पहले ही खारिज कर दिया था, यह नोट करते हुए कि याचिकाकर्ता ने SIR शेड्यूल के भीतर आपत्ति नहीं उठाई।
Important Facts
- नाम का हटाना 2 April 2026 को दर्ज किया गया, वह दिन जब याचिकाकर्ता ने अपना नामांकन फाइल करने की कोशिश की थी।
- याचिकाकर्ता ने हटाने की कोई पूर्व सूचना न मिलने का दावा किया, जिससे प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठे।
- Supreme Court का इस मामले को न सुनना चुनावी समयसीमा के कड़े पालन को रेखांकित करता है।
- Case reference: C Geetha vs Chief Electoral Officer, SLP(C) No. 13042/2026.
Exam Relevance
यह मामला भारत की चुनावी मशीनरी के कार्यप्रणाली, Madras High Court की भूमिका, और Election Commission की प्रक्रियात्मक शक्ति को दर्शाता है, जो UPSC परीक्षा में चुनावी प्रणाली के अध्ययन के लिए महत्वपूर्ण है।