
Supreme Court ने कैदियों के दिव्यांग अधिकारों को लागू करने के लिए High‑Powered Committee का गठन किया
यह निर्णय सुधारात्मक संस्थानों में दिव्यांग अधिकारों को लागू करने में न्यायपालिका की भूमिका को रेखांकित करता है, संवैधानिक आश्वासनों (Arts 14, 21) को RPWD Act, 2016 के तहत वैधानिक दायित्वों से जोड़ता है। यह अंतर‑सरकारी समन्वय चुनौतियों और संवेदनशील कैदियों के मानवीय उपचार को सुनिश्चित करने के लिए नीति तंत्र की आवश्यकता को उजागर करता है।
GS 2 (Polity) – न्यायिक सक्रियता और High‑Powered Committee के निर्माण पर चर्चा करें, जो जेलों में दिव्यांग अधिकारों के कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने का साधन है; संभावित प्रश्न: “भारत में दिव्यांग कैदियों के अधिकारों की सुरक्षा में न्यायिक हस्तक्षेपों की प्रभावशीलता का मूल्यांकन करें।”
संवैधानिक प्रावधान – अनुच्छेद 21
न्यायिक निगरानी तंत्र
न्यायिक सक्रियता और जेल सुधार
Supreme Court ने कैदियों के दिव्यांग अधिकारों को लागू करने के लिए High‑Powered Committee का गठन किया
यह निर्णय सुधारात्मक संस्थानों में दिव्यांग अधिकारों को लागू करने में न्यायपालिका की भूमिका को रेखांकित करता है, संवैधानिक आश्वासनों (Arts 14, 21) को RPWD Act, 2016 के तहत वैधानिक दायित्वों से जोड़ता है। यह अंतर‑सरकारी समन्वय चुनौतियों और संवेदनशील कैदियों के मानवीय उपचार को सुनिश्चित करने के लिए नीति तंत्र की आवश्यकता को उजागर करता है।
GS 2 (Polity) – न्यायिक सक्रियता और High‑Powered Committee के निर्माण पर चर्चा करें, जो जेलों में दिव्यांग अधिकारों के कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने का साधन है; संभावित प्रश्न: “भारत में दिव्यांग कैदियों के अधिकारों की सुरक्षा में न्यायिक हस्तक्षेपों की प्रभावशीलता का मूल्यांकन करें।”