Overview
The Supreme Court on 27 April 2026 ने अपने suo motu अधिकार का प्रयोग करके एक महिला वकील पर किए गए क्रूर छुरा घोंपने में हस्तक्षेप किया। कोर्ट ने Delhi Police Commissioner को जांच को एक senior woman police officer को सौंपने का निर्देश दिया।
Key Developments
- महिला वकीलों का एक समूह Chief Justice Surya Kant के नेतृत्व वाले बेंच के सामने आया ताकि घटना पर कोर्ट को ब्रीफ़ दे सके।
- वकीलों ने बताया कि पीड़िता को कई छुरा घोंपने के घाव हुए और तीन अस्पतालों ने उसे गंभीर देखभाल के लिए भर्ती करने से इनकार कर दिया।
- कोर्ट ने अपने suo motu शक्ति का प्रयोग करते हुए जांच को एक वरिष्ठ महिला अधिकारी द्वारा संचालित करने का आदेश दिया ताकि लिंग‑संवेदनशील हैंडलिंग सुनिश्चित हो सके।
Important Facts
पीड़िता, जो एक प्रैक्टिस करने वाली महिला वकील थीं, पर चाकू से हमला किया गया, जिससे कई छुरा घोंपने के घाव हुए। गंभीरता के बावजूद, निकटवर्ती तीन अस्पतालों ने आपातकालीन उपचार प्रदान करने से इनकार कर दिया, जिससे चिकित्सा नैतिकता और आपातकालीन सेवाओं में लिंग पक्षपात के बारे में चिंताएँ उठी।
Exam Relevance
यह मामला UPSC पाठ्यक्रम से संबंधित कई विषयों को उजागर करता है: मौलिक अधिकारों की सुरक्षा और न्यायिक सक्रियता में Supreme Court की भूमिका; लिंग‑संवेदनशील पुलिसिंग का महत्व, जो ... द्वारा उजागर किया गया है।