समीक्षा
UPSC ने 2025 बैच के लिए 958 उम्मीदवारों की सिफारिश की है। उनका सेवा आवंटन और फाउंडेशन कोर्स की प्रारंभ तिथि अनिश्चित है क्योंकि यह मामला Supreme Court के समक्ष है। कोर्ट केंद्र की याचिका सुन रहा है कि Rohith Nathan judgment के कार्यान्वयन को स्थगित किया जाए।
मुख्य विकास
- March 6, 2026 को, UPSC ने 2025 CSE के परिणाम घोषित किए।
- The DoPT ने Supreme Court में अनुमति के लिए आवेदन किया कि मार्च 11 के judgment का पालन किए बिना सेवाओं का आवंटन किया जाए।
- Supreme Court ने केंद्र की सुनवाई September 17, 2026 को निर्धारित की है।
- उम्मीदवारों ने DoPT या LBSNAA से फाउंडेशन‑कोर्स की शुरुआत के बारे में कोई सूचना नहीं मिलने की रिपोर्ट की है, जो पहले अस्थायी रूप से August 24, 2026 के लिए निर्धारित थी।
महत्वपूर्ण तथ्य
The Rohith Nathan judgment ने कहा कि DoPT की OBC उम्मीदवारों को केवल माता‑पिता की आय के आधार पर "creamy layer" के रूप में वर्गीकृत करने की विधि असंवैधानिक थी। कोर्ट ने छह महीने के भीतर सुधारात्मक कार्रवाई का आदेश दिया। केंद्र का तर्क है कि इस नए परीक्षण को 2025 बैच पर लागू करना "प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विरुद्ध" होगा क्योंकि कई उम्मीदवार पूर्व‑judgment आय मानदंड के तहत आवेदन कर चुके थे।
UPSC प्रासंगिकता
इस विवाद को समझना UPSC अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि:
- यह दर्शाता है कि न्यायिक निर्णय सीधे आरक्षण नीति और सेवा आवंटन को कैसे प्रभावित कर सकते हैं।
- यह मामला OBC आरक्षण में "creamy layer" मानदंड की भूमिका को उजागर करता है।