West Bengal assembly elections के गिनती के दिन, सर्वोच्च न्यायिक निकाय, Supreme Court, ने केंद्रीय बलों की त्वरित तैनाती की याचिका को अस्वीकार कर दी, जो संभावित post‑poll violence को रोकने के लिए थी। बेंच, जिसका नेतृत्व Chief Justice of India Surya Kant और Justice Joymalya Bagchi कर रहे थे, ने याचिकाकर्ता को Calcutta High Court में जाने का निर्देश दिया।
Key Developments
- Senior Advocate V Giri of Sanatan Sanstha ने तर्क दिया कि 2021 के चुनावों में व्यापक हिंसा देखी गई और एक मॉनिटरिंग कमेटी, preferably एक पूर्व Supreme Court न्यायाधीश द्वारा नेतृत्वित, की मांग की, ताकि पर्याप्त बलों की तैनाती सुनिश्चित हो सके।
- Court ने दोहराया कि याचिकाकर्ता को राहत के लिए High Court में फाइल करना चाहिए, प्रक्रियात्मक शुद्धता पर ज़ोर देते हुए।
- Senior Advocate Dama Seshadri Naidu, Election Commission of India का प्रतिनिधित्व करते हुए, ने पुष्टि की कि गिनती पूरी होने पर आयोग का कार्यकाल समाप्त हो जाता है।
- बेंच ने नोट किया कि मुख्य रिट पेटिशन का सुनवाई May 11, 2026 को निर्धारित है, और उसी दिन लिया जाएगा।
Important Facts
याचिका मूलतः Special Investigation Report (SIR) प्रावधानों के तहत दायर की गई थी, जिसका उद्देश्य SIR कर्तव्यों में लगे अधिकारियों को सुरक्षा प्रदान करना था। वर्तमान आवेदन को एक अंतरिम याचिका के रूप में प्रस्तुत किया गया, जिसे Court ने तत्काल Supreme Court हस्तक्षेप के लिए उपयुक्त नहीं माना। दोनों न्यायाधीशों ने ज़ोर दिया कि कानून और व्यवस्था बनाए रखना मुख्यतः राज्य के राजनीतिक कार्यकारी की जिम्मेदारी है, न कि केंद्रीय न्यायपालिका की।
Exam Relevance
शक्तियों के विभाजन को समझना GS2 (Polity) के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह घटना प्रक्रियात्मक पदानुक्रम को दर्शाती है: Supreme Court केवल उन मामलों को सुन सकता है जो राष्ट्रीय महत्व के हों या जहाँ ...