अवलोकन
The Election Commission of India (EC) ने Supreme Court को बताया कि West Bengal में Special Intensive Revision (SIR) से उत्पन्न कुल 38.2 लाख अपीलों में से 37 लाख से अधिक अभी भी 19 Appellate Tribunals के सामने लंबित हैं। अब तक केवल 1,02,231 अपीलों का निपटारा किया गया है।
मुख्य विकास
- EC affidavit (dated 16 September 2026) में West Bengal के 24 जिलों में दायर 38,20,683 अपीलों की सूची है।
- लंबित अपीलों की संख्या 37,18,452 है; केवल 1,02,231 का निर्णय हो चुका है।
- लगभग 7 लाख अपीलें disenfranchised voters द्वारा पुनः‑समावेशन की मांग के हैं; बाकी या तो EC‑initiated हैं या अन्य आपत्तिकर्ताओं द्वारा अधिक नामों को बाहर करने के उद्देश्य से दायर की गई हैं।
- जिला‑वार लंबितता स्पष्ट है – उदाहरण के लिए, Murshidabad में 7,47,921 अपीलें हैं जिनमें से केवल 514 का निपटारा हुआ है; Uttar Dinajpur में 3,03,155 लंबित और 9,104 निपटाए गए हैं।
- Supreme Court ने Right to Information (RTI) के तहत दायर याचिका पर कार्य करते हुए EC को समावेशन बनाम बहिष्करण अपीलों का विस्तृत विभाजन प्रदान करने का आदेश दिया।
महत्वपूर्ण तथ्य
• SIR अभ्यास ने अपने तीसरे चरण में पहले ही 1.5 करोड़ से अधिक नाम हटा दिए हैं।
• Senior advocates Gopal Sankaranarayanan और Neha Rathi ने petitioner Prasenjit Bose (Chairperson, SIR Committee, West Bengal Pradesh Congress Committee) का Supreme Court में प्रतिनिधित्व किया।
• Court ने EC से तेज़ निपटारे के लिए एक तंत्र पर विचार करने और आगामी नगरपालिका चुनावों से पहले disenfranchised voters द्वारा दायर अपीलों को प्राथमिकता देने का अनुरोध किया है।
UPSC प्रासंगिकता
यह घटना UPSC पाठ्यक्रम में अक्सर आने वाले कई विषयों को दर्शाती है:
- संवैधानिक निकायों जैसे EC और ... की कार्यप्रणाली और जवाबदेही
Headline
Supreme Court ने West Bengal के निर्वाचन सूची अपीलों के बड़े बैकलॉग को चुनावों से पहले उजागर किया