Supreme Court ने West Bengal SIR घटना में हस्तक्षेप किया
The Supreme Court ने 2 April 2026 को Kaliachak, Malda जिले में एक विरोध पर suo motu ध्यान दिया, जहाँ न्यायिक अधिकारी SIR कार्य में लगे थे, उन्हें घेर लिया गया, भोजन और पानी से वंचित किया गया, और बाद में निकासी के दौरान हमला किया गया।
Key Developments
- Bench जिसमें Chief Justice of India Surya Kant, Justice Joymalya Bagchi और Justice Vipul Pancholi शामिल थे, ने एक suo motu केस (SMW(c) 3/2026) दर्ज किया।
- Senior advocates जैसे कि Kapil Sibal, Shyam Divan, Gopal Sankaranarayanan, Menaka Guruswamy, Solicitor General Tushar Mehta और Dama Seshadri Naidu ने petitioners और ECI के पक्ष में उपस्थित हुए।
- Court ने राज्य प्रशासन की “criminal failure” की आलोचना की – Chief Secretary, DGP, SSP और District Collector सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर सके या अधिकारियों से संपर्क भी नहीं कर पाए।
- जारी किए गए निर्देश: सभी SIR साइटों पर Central Forces की तैनाती, और जांच को या तो CBI या NIA को सौंपा जाए।
- अधिकारियों को show cause नोटिस जारी किया गया और उन्हें 6 April 2026 को शाम 4 PM पर ऑनलाइन उपस्थित होने के लिए कहा गया।
Important Facts
• घेराव 1 April 2026 को 3.30 PM पर शुरू हुआ; High Court के registrar ने राज्य कार्रवाई की मांग की, लेकिन 8.30 PM के बाद ही कोई प्रतिक्रिया मिली।
• अधिकारियों, जिनमें तीन महिलाएँ शामिल थीं, को केवल मध्यरात्रि के बाद Calcutta High Court के Chief Justice के हस्तक्षेप से रिहा किया गया।
• प्रस्थान के समय, उनके वाहनों पर पत्थर और बांस की छड़ें फेंकी गईं, जो इरादतन डराने का प्रयास दर्शाती हैं।
Exam Relevance
यह घटना कई मुख्य UPSC विषयों को छूती है:
- Judicial independence and contempt of court – Court ने इस हमले को criminal contempt कहा, जिससे पवित्रता पर प्रकाश पड़ा