हैदराबाद पुलिस ने TAPL पर 16 लाख नागरिकों का डेटा रोकने का आरोप लगाया
Transaction Analysts India Private Limited (TAPL) पर लगभग 16 लाख नागरिकों का डेटा अवैध रूप से रखे रखने का आरोप है। हैदराबाद पुलिस के डिटेक्टिव विभाग ने कंपनी के खिलाफ First Information Report (FIR) दायर किया, जिसमें धोखाधड़ी, विश्वासघात और सार्वजनिक प्रशासन में बाधा डालने का आरोप लगाया गया है।
Key Developments
- पुलिस ने FIR भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(2) और 318(4), तथा Information Technology Act की धारा 66‑C, 70, 72 और 43 के साथ 66 को पढ़ते हुए दायर की।
- FIR का आधार Commissioner, Electronic Services Delivery (Meeseva) के कार्यालय द्वारा दायर शिकायत है।
- 2017 के समझौते के तहत, TAPL को राज्य‑स्वामित्व वाले T‑Wallet के डेटा, स्रोत कोड, प्रमाणपत्र और बुनियादी ढांचे का पूर्ण नियंत्रण सरकार को 31 May 2025 तक सौंपना था। यह हस्तांतरण अभी तक नहीं हुआ है।
- तीन वरिष्ठ अधिकारियों – CEO Katuri Srinivas Rao, Chief of Projects M. Srinivasulu और Project Manager P. Kiran Kumar – को सह‑आरोपी के रूप में नामित किया गया है। तीसरे आरोपी को 25 April 2026 को गिरफ्तार किया गया।
- पुलिस का तर्क है कि कंपनी 16 लाख उपयोगकर्ताओं के डेटा का अवैध उद्देश्यों के लिए दुरुपयोग कर सकती है और इसलिए FIR को खारिज करने की कंपनी की याचिका को खारिज करने का अनुरोध करती है।
Important Facts
- समझौते की समाप्ति: 31 May 2025 – TAPL को सभी डिजिटल संपत्तियों को राज्य को स्थानांतरित करने का अनुबंधीय दायित्व था।
- जोखिम में डेटा: T‑Wallet प्लेटफ़ॉर्म से जुड़े लगभग 16 लाख नागरिकों की जानकारी