19 जून 2026 को, Abhishek Banerjee, राष्ट्रीय महासचिव Trinamool Congress (TMC), ने चेतावनी दी कि बीस सांसद, जो 2024 लोकसभा चुनावों में TMC टिकट पर चुने गए थे और अब Nationalist Citizen Party of India (NCPI) के साथ विलय का दावा कर रहे हैं, anti‑defection law के तहत अयोग्य घोषित किए जा सकते हैं।
मुख्य विकास
- Banerjee ने कहा कि पार्टी ने Tenth Schedule पर सभी संबंधित Supreme Court judgments को Speaker Om Birla को प्रस्तुत किया है और तत्काल निर्णय की मांग की है।
- विद्रोही दावा करते हैं कि वे एक अलग समूह बनाते हैं, लोकसभा नेता, मुख्य व्हिप आदि का चयन करना चाहते हैं, लेकिन Banerjee का तर्क है कि वैध विलय के लिए पार्टी के कुल सदस्यों में कम से कम दो‑तिहाई की सहमति आवश्यक है, न कि केवल विधायी शाखा।
- Banerjee ने MPs पर संविधान का “असम्मान” करने का आरोप लगाया और उन्हें इस्तीफा देने के लिए कहा, यह सुझाव देते हुए कि वे भविष्य के चुनावों में BJP या NCPI टिकट पर प्रतिस्पर्धा करें।
- उन्होंने आरोप लगाया कि ED और CBI जैसी एजेंसियों से बाहरी दबाव ने MPs को प्रभावित किया है, और चेतावनी दी कि उनके बयानों को चुनौती देना अदालत में ले जाया जा सकता है।
महत्वपूर्ण तथ्य
20 MPs 2024 के आम चुनावों में चुने गए थे। anti‑defection law के तहत, पार्टी का विलय तभी वैध माना जाता है जब कुल पार्टी सदस्यों में, दोनों विधायी और संगठनात्मक शाखाओं सहित, कम से कम दो‑तिहाई की सहमति हो।