<h2>Tri‑Service Seminar ‘Ran Samwad’ – अवलोकन</h2>
<p>Ministry of Defence बेंगलुरु में Air Force Training Command पर 9‑10 अप्रैल 2026 को Tri‑Service सेमिनार Ran Samwad का दूसरा संस्करण आयोजित करेगा। थीम, “Multi‑Domain Operations (MDO): An Imperative for Addressing Conventional and Irregular Threats”, एकीकृत युद्ध अवधारणाओं की ओर बदलाव को दर्शाती है।</p>
<h3>मुख्य विकास (बुलेट पॉइंट्स)</h3>
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<li>भारत की सेनाओं को Multi‑Domain Conflict के लिए तैयार करने की रूपरेखा तैयार करने हेतु दो‑दिन की संवाद।</li>
<li>MDO के विकास, वैश्विक रुझान, Whole‑of‑Nation approach, सिद्धांतात्मक अनुकूलन, प्रशिक्षण और कमांड‑एंड‑कंट्रोल पर सत्र।</li>
<li>प्रभावी MDO के लिए civil‑military fusion पर फोकस।</li>
<li>जटिल, मल्टी‑डोमेन वातावरण में पारंपरिक और अनियमित दोनों खतरों का मुकाबला करने के लिए Indian Defence Forces को मार्गदर्शन।</li>
</ul>
<h3>महत्वपूर्ण तथ्य</h3>
<p>• सेमिनार Army War College, Mhow में आयोजित पहले संस्करण का निरंतरता है, जिसमें “The Impact of Technology on Warfare” की जांच की गई थी।<br>
• इसे Chief of Defence Staff, Gen. Anil Chauhan द्वारा संकल्पित किया गया था।<br>
• प्रौद्योगिकी उन्नति युद्ध की प्रकृति को पुनः आकार दे रही है, सभी डोमेनों में संचालन योजना, रणनीति और रणनीतिक सोच को प्रभावित कर रही है।</p>
<h3>UPSC प्रासंगिकता</h3>
<p>MDO को समझना GS2 (Defence and Security) के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह भारत के सिद्धांतात्मक बदलाव को एकीकृत युद्ध की ओर दर्शाता है।</p>