Key Insight
हेडलाइन: Supreme Court ने तमिलनाडु फ़्लोर टेस्ट से पहले MLA के मतदान प्रतिबंध को चुनौती सुनने के लिए सुनवाई तय की
Key Facts
- TVK MLA Seenivasa Sethupathi ने DMK उम्मीदवार Periakaruppan के खिलाफ एक ही वोट से Tamil Nadu Assembly की सीट जीती।
- Madras High Court ने 12 मई 2026 को एक अंतरिम आदेश जारी किया, जिसमें Sethupathi को आगामी floor test में मतदान से रोका गया।
- आदेश को चुनौती देने वाली याचिका Supreme Court में दायर की गई; CJI Surya Kant ने इसे 15 मई 2026 को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया।
- सीनियर एडवोकेट Dr. Abhishek Manu Singhvi ने Supreme Court में Sethupathi का प्रतिनिधित्व किया।
- विवाद Sethupathi की उस trust vote में मतदान की पात्रता पर केंद्रित है, जो राज्य सरकार की बहुमत तय करेगा।
- कानूनी उद्धरण: R. Sreenivasa Sethupathi Vs. K.R. Periakaruppan ORS, Diary No. 29435/2026।
- High Court ने उसके मतदान को रोकते हुए "balance of convenience" सिद्धांत को लागू किया।
Background
यह मामला न्यायालयों की पदानुक्रम को उजागर करता है—Article 226 के तहत High Courts द्वारा अंतरिम आदेश जारी करना और Article 32 के तहत Supreme Court द्वारा अंतर‑कोर्ट विवादों का निपटारा। यह राज्य विधानसभाओं में फ़्लोर टेस्ट/विश्वास मत की प्रक्रिया और निर्वाचन विवादों में writ petitions को संवैधानिक उपाय के रूप में उपयोग को भी रेखांकित करता है।
UPSC Syllabus
- Prelims_GS — Constitution and Political System
- GS2 — Executive and Judiciary - structure, organization and functioning
- GS2 — Representation of People's Act
- GS4 — Dimensions of ethics - private and public relationships
Mains Angle
Mains उत्तर में, उम्मीदवार न्यायिक भूमिका को निर्वाचन विवादों और फ़्लोर टेस्ट में चर्चा कर सकते हैं, इसे Articles 32, 226 और सुविधा के संतुलन सिद्धांत से जोड़ते हुए (GS2 – Polity)।