समीक्षा
The UAE became a full member of BRICS in January 2024. Its policy is simple: आर्थिक सहयोग को देशों, व्यवसायों और लोगों के लिए वास्तविक अवसर पैदा करने चाहिए। UAE BRICS को कनेक्टिविटी को गहरा करने, निवेश आकर्षित करने और ट्रेड, वित्त और बुनियादी ढांचे के माध्यम से Global South का समर्थन करने के लिए एक मंच के रूप में देखता है।
मुख्य विकास
- India 2026 में BRICS की अध्यक्षता करेगा, लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता पर फोकस करेगा।
- The NDB ने अपनी स्थापना के बाद से $40 billion से अधिक वित्तपोषण को मंजूरी दी है।
- UAE‑India CEPA ने 2025 में गैर‑तेल द्विपक्षीय व्यापार को 17 % बढ़ाकर $76 billion से अधिक कर दिया, जिसका लक्ष्य 2032 तक $200 billion है।
- UAE के गैर‑तेल क्षेत्र ने 2025 में उसके GDP का लगभग 79 % योगदान दिया, जो विश्व‑स्तरीय लॉजिस्टिक्स, वित्त और नवाचार इकोसिस्टम द्वारा समर्थित है।
- $2.9 trillion के सार्वभौमिक धन संपत्तियों और 38 CEPA के हस्ताक्षर के साथ, UAE बड़े पैमाने पर पूंजी, बाजार और लोगों को जोड़ सकता है।
महत्वपूर्ण तथ्य
UAE का रणनीतिक स्थान उसके बंदरगाहों, हवाई अड्डों और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को एशिया, अफ्रीका और यूरोप के बाजारों से जोड़ने में सक्षम बनाता है। उसके वित्तीय केंद्र अंतर्राष्ट्रीय पूंजी को क्षेत्रीय परियोजनाओं तक पहुंचाते हैं, जबकि विश्वविद्यालय और अनुसंधान संस्थान प्रतिभा और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण को बढ़ावा देते हैं। UAE का सहयोग दृष्टिकोण "कनेक्टिविटी" पर आधारित है – केवल वस्तुओं को ले जाना नहीं, बल्कि ऐसा माहौल बनाना जहाँ पूंजी, ज्ञान, प्रौद्योगिकी और लोग आपस में जुड़ें।
UPSC प्रासंगिकता
UAE की BRICS में भूमिका को समझना कई UPSC विषयों के उत्तर देने में मदद करता है:
- India की विदेश नीति और बहुपक्षीय मंचों में नेतृत्व (GS2: Polity)।
- उभरते बाजार सहयोग तंत्र और बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली की चुनौतियाँ (GS3: Economy)।
- Headline: UAE’s BRICS प्रवेश व्यापार लिंक को प्रज्वलित करता है, जो India’s 2026 chair agenda के साथ मेल खाता है। AI Summary: UAE ने जनवरी 2024 में पूर्ण BRICS सदस्यता प्राप्त की और अपनी लॉजिस्टिक्स हब, वित्त और CEPA नेटवर्क का उपयोग करके व्यापार और कनेक्टिविटी को गहरा कर रहा है, जो India’s 2026 BRICS अध्यक्षता के लचीलापन और साझा समृद्धि पर फोकस के साथ संरेखित है। UPSC अभ्यर्थियों के लिए यह दर्शाता है कि बहुपक्षीय समूह, sovereign‑wealth फंड और द्विपक्षीय समझौते कैसे India की विदेश नीति, आर्थिक रणनीति और Global South सहयोग को आकार देते हैं। Context: BRICS उभरती अर्थव्यवस्थाओं को ट्रेड, वित्त और बुनियादी ढांचे पर सहयोग करने के लिए एक मंच प्रदान करता है। UAE की पूर्ण सदस्यता गल्फ से एक लॉजिस्टिक्स और निवेश हब जोड़ती है, जबकि India’s 2026 अध्यक्षता संवाद को Global South के लिए ठोस परियोजनाओं में बदलने का लक्ष्य रखती है। Mains angle: GS2 – अंतर्राष्ट्रीय संबंध। एक संभावित प्रश्न उम्मीदवारों से पूछ सकता है कि कैसे UAE की BRICS भागीदारी और उसकी India के साथ CEPA India के 2026 में BRICS अध्यक्ष के रूप में उद्देश्यों को आगे बढ़ा सकती है।