सारांश
The UN General Assembly (UNGA) ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव अपनाया जिससे 27 नवम्बर को International Day for the Elimination of Child, Early and Forced Marriage घोषित किया गया। India ने Sierra Leone और लगभग 70 अन्य देशों के साथ सह‑प्रायोजक के रूप में शामिल हुआ।
मुख्य विकास
- प्रस्ताव 4 सितंबर 2026 को अपनाया गया, जो Sierra Leone द्वारा नेतृत्व किया गया था।
- India की सह‑प्रायोजन Bal Vivah Mukt Bharat पहल के प्रति प्रतिबद्धता दर्शाता है। Bal Vivah Mukt Bharat
- Advocates Just Rights for Children (JRC) ने इस प्रस्ताव को एक मील का पत्थर बताया।
- नेता Fatima Maada Bio (Sierra Leone की प्रथम महिला) और Bhuwan Ribhu (JRC के संस्थापक) ने बाल विवाह और लिंग असमानता के बीच संबंध पर ज़ोर दिया।
महत्वपूर्ण तथ्य
प्रस्ताव सदस्य राज्यों से अनुरोध करता है कि वे:
- Formulate holistic, multisectoral national strategies and action plans.
- व्यापक कानूनों और प्रवर्तन तंत्र के लिए बजट आवंटित करें।
- सभी लड़कियों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा में निवेश करें, जिसमें विवाहित लड़कियों के लिए स्कूल जारी रखने या वापस लौटने के कार्यक्रम शामिल हों।
- बाल, प्रारम्भिक और जबरन विवाह को एक "हानिकारक प्रथा" के रूप में मान्यता दें जो मानव अधिकारों का उल्लंघन करती है, विशेषकर महिलाओं और लड़कियों के।
UPSC प्रासंगिकता
इस विकास को समझना महत्वपूर्ण है क्योंकि:
- GS 2 (Polity & International Relations) – UN प्रस्तावों की भूमिका, India की कूटनीतिक सहभागिता, और बहुपक्षीय सहयोग।
- GS 3 (Social Issues) – बाल विवाह का शिक्षा, स्वास्थ्य, आर्थिक भागीदारी और लिंग समानता पर प्रभाव।
- GS 4 (Ethics) – बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा और गरिमा सुनिश्चित करने में नैतिक विचार।