अवलोकन
Construction and Infrastructure Equipment scheme को Union Heavy Industries Minister H.D. Kumaraswamy ने 1 September 2026 को Indian Construction Equipment Manufacturers’ Association सम्मेलन में उजागर किया। जबकि सटीक नियम अभी अंतिम रूप ले रहे हैं, इस योजना से सात वर्षों में ₹11,500 crore का प्रोत्साहन प्रदान करने की उम्मीद है, जो Budget speech में प्रारंभ में उल्लेखित ₹200 crore से बहुत अधिक है।
मुख्य विकास
- ₹11,500 crore का प्रोत्साहन पूल निर्माण उपकरण के घरेलू निर्माताओं को समर्थन देने के लिए।
- उपकरण वैल्यू चेन में MSMEs की भागीदारी पर जोर।
- capital goods ecosystem में प्रौद्योगिकी अपनाने, नवाचार और क्षमता निर्माण पर फोकस।
- fuel‑efficient, low‑emission, electric, hybrid और digitally‑enabled construction equipment के विकास के लिए धक्का।
- लक्ष्य है कि Indian manufacturers न केवल घरेलू बल्कि वैश्विक बाजारों में भी प्रतिस्पर्धी बनें।
महत्वपूर्ण तथ्य
- India विश्व में China और United States के बाद तीसरा सबसे बड़ा construction equipment market है।
- उद्योग का मूल्यांकन FY 2024‑25 में लगभग ₹97,500 crore था।
- यह सेक्टर लगभग 10 lakh लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार प्रदान करता है।
- FY 2029‑30 तक अनुमानित बाजार आकार ₹2.28 lakh crore है, जो तेज़ वृद्धि दर्शाता है।
- यह योजना एक मजबूत सप्लायर बेस के साथ एक वैश्विक प्रतिस्पर्धी OEM ecosystem बनाने का लक्ष्य रखती है।
UPSC प्रासंगिकता
इस योजना को समझना GS‑3 (Economy) के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह औद्योगिक नीति, आयात प्रतिस्थापन, MSME को बढ़ावा और सतत उत्पादन से जुड़ा है। इस पर जोर...