Union Cabinet ने 30 सितंबर 2026 को गेहूँ के MSP में ₹25 प्रति क्विंटल की वृद्धि स्वीकृत की, जिससे यह 2027‑28 Rabi marketing year के लिए ₹2,610 प्रति क्विंटल हो गया।
मुख्य विकास
- गेहूँ का MSP ₹2,585 से बढ़कर 2027‑28 के लिए ₹2,610 प्रति क्विंटल हो गया।
- जौ का MSP ₹2,150 से बढ़कर ₹2,286 प्रति क्विंटल हो गया।
- चना (Gram) का MSP ₹83 बढ़ाकर ₹5,958 प्रति क्विंटल हो गया।
- मसूर (lentil) का MSP ₹390 बढ़ाकर ₹7,390 प्रति क्विंटल हो गया।
- रेपसीड/सरसों के बीज का MSP ₹413 बढ़ाकर ₹6,613 प्रति क्विंटल हो गया।
- सैफ़्लॉवर का MSP ₹675 बढ़ाकर ₹7,215 प्रति क्विंटल हो गया।
- किसानों को कुल अनुमानित भुगतान: 324 लाख टन गेहूँ के लिए ₹90,962 crore।
- 2026‑27 के लिए लक्ष्यित गेहूँ उत्पादन: 121 million टन।
महत्वपूर्ण तथ्य
CACP ने गेहूँ की production cost (₹1,264 प्रति क्विंटल) और मौजूदा बाजार स्थितियों को ध्यान में रखते हुए नए MSP सुझाए। यह वृद्धि MSP को उत्पादन लागत से दो गुना से अधिक बना देती है, जिससे किसानों के लिए सुरक्षा जाल बनता है।
गेहूँ भारत में प्रमुख rabi (शीत) फसल है। बुवाई अक्टूबर में शुरू होती है और कटाई अप्रैल में शुरू होती है। उच्च MSP का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना, समय पर बुवाई को प्रोत्साहित करना, और खाद्य सुरक्षा को सुनिश्चित करना है।
UPSC प्रासंगिकता
MSP को समझना GS III (Economy) के लिए आवश्यक है क्योंकि यह कृषि मूल्य नीति, राजकोषीय खर्च और ग्रामीण कल्याण को जोड़ता है। यह निर्णय सरकार की El Niño संबंधी चिंताओं, वैश्विक मूल्य अस्थिरता और घरेलू महंगाई दबावों के प्रति प्रतिक्रिया को दर्शाता है। यह Union Cabinet की भूमिका को भी दर्शाता है जो आर्थिक उपायों को मंजूरी देता है जो बड़ी संख्या में लोगों को प्रभावित करते हैं।