समीक्षा
Union Cabinet ने Prime Minister Narendra Modi के अध्यक्षत्व में 13 May 2026 को सतही Coal Gasification परियोजनाओं को प्रोत्साहित करने के लिए ₹37,500 crore की प्रोत्साहन योजना को मंजूरी दी। यह योजना 75 million tonnes कोयला/लिग्नाइट को गैसिफाई करने, Syngas उत्पन्न करने, और LNG, यूरिया, अमोनिया तथा मेथनॉल के आयात पर निर्भरता को कम करने का लक्ष्य रखती है।
मुख्य विकास
- प्रोजेक्ट लागत के 20 % of plant‑and‑machinery cost तक का वित्तीय प्रोत्साहन, जो प्रति प्रोजेक्ट ₹5,000 crore पर सीमित है।
- परियोजना माइलस्टोन से जुड़ी चार समान किस्तें।
- पात्रता सीमाएँ: प्रति उत्पाद ₹9,000 crore (सिंथेटिक नेचुरल गैस और यूरिया को छोड़कर) और प्रति इकाई समूह ₹12,000 crore।
- परियोजना लागत, कोयला इनपुट और Syngas आउटपुट के आधार पर मूल्यांकन के साथ पारदर्शी प्रतिस्पर्धी बोली।
- Non‑regulated sector linkage auction framework के तहत कोयला लिंकज अवधि को 30 years तक बढ़ाया गया।
महत्वपूर्ण तथ्य
- भारत के ज्ञात कोयला भंडार: 401 billion tonnes, जो लगभग 200 years के लिए पर्याप्त हैं।
- कोयला राष्ट्रीय ऊर्जा मिश्रण में > 55 % योगदान देता है।
- लक्ष्य: National Coal Gasification Mission के हिस्से के रूप में 100 million tonnes कोयला को 2030 तक गैसिफाई करना।
- गैसिफिकेशन से अनुमानित वार्षिक राजस्व: लगभग ₹6,300 crore।
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