Union Government एक नई ऊर्जा तकनीक को बढ़ावा दे रहा है जिसे surface coal gasification कहा जाता है। एक हालिया रोडशो में, G. Kishan Reddy ने कहा कि यह तकनीक विदेश में खर्च होने वाले आयात को ₹3 lakh crore तक प्रतिस्थापित कर सकती है। अपनाने को प्रोत्साहित करने के लिए, Union Cabinet ने इस क्षेत्र के लिए ₹37,500‑crore प्रोत्साहन पैकेज को मंजूरी दी।
Key Developments
- Roadshow ने उजागर किया कि downstream products को सिंगैस से उत्पन्न किया जा सकता है, जिससे वैल्यू चेन विस्तारित होती है।
- यह प्रोत्साहन निजी और सार्वजनिक निवेश को आकर्षित करने, आयातित ईंधन और रसायनों पर निर्भरता कम करने का लक्ष्य रखता है।
- Minister Reddy ने ऊर्जा सुरक्षा और औद्योगिक आत्मनिर्भरता की रणनीतिक महत्ता पर ज़ोर दिया।
Policy Incentive Details
₹37,500‑crore पैकेज अगले पाँच वर्षों में वितरित किया जाएगा। इसमें पूँजी सब्सिडी, कर रिबेट और कम‑ब्याज वाले ऋण शामिल हैं उन परियोजनाओं के लिए जो गैसिफिकेशन प्लांट और संबंधित डाउनस्ट्रीम इकाइयाँ स्थापित करती हैं। इस योजना से रोजगार सृजन, विनिर्माण में वृद्धि और व्यापार घाटे में कमी की उम्मीद है।
Important Facts
- अनुमानित आयात प्रतिस्थापन: वार्षिक रूप से ₹3 lakh crore तक।
- लक्षित क्षेत्रों में: पावर जेनरेशन, पेट्रोकेमिकल्स, उर्वरक और सिंथेटिक ईंधन शामिल हैं।
- कार्यान्वयन एजेंसी: Ministry of Coal, Ministry of Power और Ministry of Chemicals and Fertilizers के समन्वय में।
Exam Relevance
इस पहल को समझना उम्मीदवारों को ऊर्जा सुरक्षा, औद्योगिक नीति और सरकारी प्रोत्साहन पर प्रश्नों के उत्तर देने में मदद करता है। यह GS 3 के विषयों जैसे नवीकरणीय और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत, आयात‑प्रतिस्थापन रणनीतियों, और नीति निर्माण में Union Cabinet की भूमिका (GS 2) से जुड़ता है। वित्तीय परिमाण सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।