Union Health Ministry ने 16 September 2026 को एक advisory जारी की, जिसमें सभी States और Union Territories को निर्देश दिया गया कि वे stem cell therapy को केवल Ministry द्वारा स्पष्ट रूप से अनुमोदित स्थितियों तक सीमित रखें, और ASD के लिए इसका उपयोग केवल duly approved clinical trials में सीमित किया जाए।
मुख्य विकास
- यह advisory Clinical Establishments (Registration and Regulation) Act, 2010 द्वारा स्थापित नियामक ढाँचा को दोहराती है, जो Supreme Court के Yash Charitable Trust & Ors. v. Union of India & Ors. के निर्णय के बाद 30 January 2026 को आया।
- ASD के लिए, कोई भी stem‑cell हस्तक्षेप केवल National Guidelines for Stem Cell Research, 2017 के तहत ही दिया जाना चाहिए, जो क्लिनिकल ट्रायल्स के लिए अनुमोदन की आवश्यकता रखती है।
- ICMR की समीक्षा ने निष्कर्ष निकाला कि वर्तमान साक्ष्य ASD के लिए व्यवहारिक और सहायक थैरेपी की तुलना में stem‑cell therapy को समर्थन नहीं देते।
- NMC ने 5 September 2026 को एक अलग advisory जारी की, जिसमें कहा गया कि stem‑cell therapy का अनधिकृत उपयोग, प्रचार या विज्ञापन पेशेवर दुराचार माना जाता है।
महत्वपूर्ण तथ्य
- States और UTs को Supreme Court के निर्देश सभी नियामक निकायों, सरकारी और निजी क्लिनिकल संस्थानों को प्रसारित करने चाहिए जो stem‑cell कार्य में शामिल हैं।