समीक्षा
The Ministry of Commerce & Industry, Department of Fisheries और Ministry of Food Processing Industries के साथ मिलकर Visakhapatnam में National Workshop on Seafood Exports का आयोजन 5–6 June 2026 को दो‑दिन के रूप में किया। वरिष्ठ Union Ministers, राज्य नेताओं और उद्योग प्रतिनिधियों ने भारत के समुद्री निर्यात आय को पाँच वर्षों में USD 30 billion तक बढ़ाने पर चर्चा की।
मुख्य विकास
- Union Minister Piyush Goyal ने “whole‑of‑government” दृष्टिकोण पर ज़ोर दिया और पिछले दशक में समुद्री उत्पाद निर्यात में 70 % वृद्धि को उजागर किया।
- वर्तमान में 38 देशों को कवर करने वाले नवीनतम FTAs के तहत, निर्यात बाजारों के value addition, ब्रांडिंग और विविधीकरण को बढ़ाने का आह्वान किया गया।
- समुद्री क्षेत्र में नवाचार और बुनियादी ढाँचे को प्रोत्साहित करने के लिए संभावित PLI ढाँचे पर चर्चा की गई।
- कोल्ड‑चेन, ट्रेसबिलिटी और सतत प्रमाणन को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया गया।
- PMKSSY, किसान क्रेडिट कार्ड और अन्य योजनाओं के तहत लाभों का आवंटन किया गया।
- भारत के EEZ में अप्रयुक्त संसाधनों की खोज, विशेष रूप से अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह और लक्षद्वीप में।
महत्वपूर्ण तथ्य
• भारत अब वैश्विक समुद्री व्यापार का लगभग 4 % हिस्सा है।
• निर्यात मूल्य लगभग ₹73,890 crore (USD 8.46 billion) तक पहुंचा, जिसमें फ्रोज़न श्रिंप प्रमुख वस्तु है।
• मछली उत्पादन 95.8 लाख टन (2012‑13) से बढ़कर ≈198 लाख टन (2024‑25) हो गया।
• कार्यशाला में MPEDA, EIC, NFDB, NABARD, NC के अधिकारी शामिल हुए।