The UPI ने FY26 में 24,162 करोड़ लेन‑देनों की एक महत्वपूर्ण सीमा को पार किया, जिसका मूल्य ₹314 लाख करोड़ है, यह हालिया government press release के अनुसार है। यह वृद्धि देश भर में digital payments के गहरे प्रसार को रेखांकित करती है।
मुख्य विकास
- लेन‑देनों की मात्रा 24,162 करोड़ तक पहुंची, जो प्लेटफ़ॉर्म के लिए नया उच्च स्तर है।
- लेन‑देनों का कुल मूल्य ₹314 लाख करोड़ रहा, जो विशाल धन प्रवाह को दर्शाता है।
- शहरी, अर्ध‑शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में अपनाने की दर बढ़ी, जो संतुलित डिजिटल प्रसार को दर्शाती है।
- वृद्धि प्लेटफ़ॉर्म की interoperability और विस्तारित digital infrastructure द्वारा संचालित है।
महत्वपूर्ण तथ्य
- FY26 में औसत दैनिक लेन‑देनों की संख्या 66 million से अधिक रही।
- ग्रामीण लेन‑देनों का हिस्सा FY25 में 22 % से बढ़कर FY26 में 28 % हो गया।
- मार्च 2026 तक 2 billion UPI‑सक्षम उपकरण सक्रिय थे।
- सरकारी पहलों जैसे Digital India और BHIM ऐप ने उपयोगकर्ता ऑनबोर्डिंग को निरंतर प्रोत्साहित किया है।
UPSC प्रासंगिकता
UPI के पैमाने को समझना GS‑III (Economy) के लिए आवश्यक है क्योंकि यह भारत की नकद‑रहित रणनीति की सफलता को दर्शाता है, राजकोषीय समेकन को प्रभावित करता है, और लेन‑देनों की गति के माध्यम से मौद्रिक नीति को प्रभावित करता है। डेटा सार्वजनिक‑निजी साझेदारियों की वित्तीय प्रौद्योगिकी में प्रभावशीलता को भी दर्शाता है, जो GS‑I (Governance) और GS‑IV (Ethics) में नीति कार्यान्वयन और डिजिटल समानता का मूल्यांकन करते समय बार‑बार उभरता विषय है।
आगे का मार्ग
- मजबूत बनाना