समीक्षा
26 April 2026 को United States ने Chabahar port पर अपना waiver समाप्त कर दिया। यह कदम New Delhi को यह तय करने के लिए मजबूर करता है कि वह $620 million की हिस्सेदारी Shahid Beheshti terminal में छोड़ दे या नवीनीकृत sanctions के जोखिम के तहत परियोजना जारी रखे।
मुख्य विकास (April 2026)
- US waiver जो भारत को Chabahar में बिना उसके प्रतिबंध नियम का उल्लंघन किए संचालन करने देता था, 26 April को समाप्त हो गया।
- India ने (November 2025 से) कर्मियों को वापस ले लिया है और अपनी प्रतिबद्धता के $120 million का अग्रिम भुगतान कर दिया है।
- Delhi अपने Shahid Beheshti terminal में हिस्सेदारी को एक इरानी फर्म को स्थानांतरित करने पर विचार कर रहा है, जिसमें बाद में संभावित पुनः प्रवेश हो सकता है।
- मानवतावादी शिपमेंट्स के लिए पहले का “carve‑out” वापस ले लिया गया है।
- पश्चिम एशिया युद्ध से उत्पन्न भू‑राजनीतिक तनाव परियोजना के किसी भी पुनरुद्धार में अनिश्चितता जोड़ता है।
महत्वपूर्ण तथ्य
- India की भागीदारी 2003 के MoU तक जाती है, जिसे पूर्व प्रधानमंत्री A.B. Vajpayee ने हस्ताक्षर किया था।
- त्रिपक्षीय समझौता 2015 के JCPOA के बाद प्रधानमंत्री Narendra Modi के तहत नवीनीकृत किया गया।
- समानांतर Zaranj‑Delaram highway, जो Iran के सीमा शहर Zaranj को Afghanistan के Delaram से जोड़ती है, India‑Iran‑Afghanistan व्यापार मार्ग का हिस्सा है।