समीक्षा
The Union Ministry of Rural Development (MoRD) ने 2 November 2026 को Viksit Bharat Guarantee for Rozgar and Aajeevika Mission (Gramin) के अंतिम शिकायत‑निवारण नियम जारी किए। ये नियम पहले के ड्राफ्ट प्रावधानों को प्रतिस्थापित करते हैं, जिनमें कर्मचारियों के लिए अधिक मजबूत सुरक्षा उपाय थे। Congress general secretary Jairam Ramesh ने इन बदलावों की निंदा की, कहकर कि ये भारत के सबसे महत्वपूर्ण अधिकार‑आधारित कानून को केवल एक प्रशासनिक योजना में बदल देते हैं।
मुख्य विकास (अंतिम नियमों के अनुसार)
- सात कार्यदिवसों के भीतर शिकायतों को हल न करने पर दंड हटाना – ड्राफ्ट ने ऐसे विलंब को Section 27 से जोड़ा था, लेकिन अंतिम नियमों में इसे छोड़ दिया गया है।
- प्राथमिक वित्तीय अनियमितताओं के लिए First Information Report (FIR) दाखिल करने की आवश्यकता को हटाना।
- पंचायती राज संस्थाओं (इंटरमीडिएट और जिला पंचायतों) द्वारा शिकायत कार्यों की अनिवार्य समीक्षा को समाप्त करना।
- अधिकारीयों के लिए साप्ताहिक शिकायत‑प्राप्ति दिवस अब अनिवार्य नहीं रहे।
- ब्लॉक और जिला स्तर पर समर्पित शिकायत‑निवारण डेस्क की अनुपस्थिति।
- शिकायतों की भौतिक सत्यापन की आवश्यकता कमजोर; स्पॉट चेक के बजाय रिकॉर्ड पर निर्भरता।
- जिला कार्यक्रम समन्वयक द्वारा राज्य सरकार को अनिवार्य त्रैमासिक रिपोर्टिंग को हटाना।
- पंद्रह दिनों के बाद अनसुलझी शिकायतों का एस्केलेशन बरकरार है, लेकिन अब यह स्वचालित नहीं है।
- राज्य‑स्तर की शिकायत तंत्र अब ग्राम पंचायत, ब्लॉक और जिला स्तर तक सीमित; उच्च स्तर वैकल्पिक हैं।
- अपील प्रक्रियाएँ अब विस्तृत समयसीमा के बजाय अधिनियम के Schedule I को संदर्भित करती हैं।
- केंद्रीय रूप से निर्धारित डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर अधिक जोर, जिससे राज्य‑चलित प्रणालियों की लचीलापन कम हो जाता है।
महत्वपूर्ण तथ्य
मई 2026 में जारी किए गए ड्राफ्ट नियमों में पारदर्शिता, जवाबदेही और लोकतांत्रिक निगरानी के लिए 11 मजबूत प्रावधान थे। अंतिम संस्करण, जो 2 नवंबर 2026 को अधिसूचित किया गया, इन अधिकांश सुरक्षा उपायों को हटा देता है। आलोचक तर्क देते हैं कि ये बदलाव i
