The VCNS Vice Admiral Ajay Kochhar ने 19 अक्टूबर 2026 को कहा कि नौसेना को एक बहु‑डोमेन नेटवर्क बल में विकसित होना चाहिए। उन्होंने स्वदेशी जहाज़ों, स्वायत्त प्रणालियों, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और उभरती क्वांटम तकनीकों पर चल रहे कार्यों को उजागर किया।
मुख्य विकास
- INS Samarthak का कमीशन।
- तीसरे Mahe‑class एंटी‑सबमरीन वारफेयर क्राफ्ट, INS Mangrol का कमीशन।
- West‑Asia तनाव के बीच Operation Urja Suraksha की संचालन सफलता।
- भविष्य में counter‑UAS क्षमताओं, स्वायत्त प्लेटफ़ॉर्म और क्वांटम संचार पर ध्यान।
महत्वपूर्ण तथ्य
- नौसेना क्रू जोखिम को कम करने और सहनशक्ति बढ़ाने के लिए autonomous systems को एकीकृत कर रही है।
- क्वांटम तकनीक को सुरक्षित संचार और सेंसर नेटवर्क के लिए खोजा जा रहा है, एक ऐसा क्षेत्र जो अगले दशक में परिपक्व होने की उम्मीद है।
- West Asia में हालिया संघर्षों ने तेज़ प्रौद्योगिकी अपनाने और लचीले तैनाती की आवश्यकता को रेखांकित किया है।
UPSC प्रासंगिकता
नौसेना के बहु‑डोमेन दृष्टिकोण में बदलाव को समझना GS 4 (रक्षा और सुरक्षा) के लिए महत्वपूर्ण है। अभ्यर्थियों को यह नोट करना चाहिए कि स्वदेशी जहाज़ निर्माण ‘Make in India’ नीति के साथ कैसे संरेखित होता है, AI और क्वांटम तकनीक रणनीतिक निरोध पर कैसे प्रभाव डालती है, और समुद्री सुरक्षा संचालन जैसे Operation Urja Suraksha।