Viksit Bharat Shiksha Adhisthan Bill JPC की जांच में – संवैधानिक अतिक्रमण और HEIs की स्वायत्तता
The VBSA Bill वर्तमान में एक JPC द्वारा जांचा जा रहा है। यह बिल NEP 2020 को लागू करने का लक्ष्य रखता है, लेकिन राज्य सरकारों से पूर्व परामर्श के बिना, जिससे संघीय असंतुलन और संवैधानिक अतिक्रमण की चिंताएँ उत्पन्न होती हैं।
मुख्य विकास
- JPC के माध्यम से संसदीय जांच शिक्षकों, छात्रों, राज्य सरकारों और नागरिक समाज को संशोधन प्रस्ताव प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान करती है।
- यह बिल मानकों, निरीक्षणों और उच्च शिक्षा संस्थानों के वित्तपोषण पर केंद्र सरकार की विवेकाधीन शक्तियों को विस्तारित करता है, जो Union List के Entry 66 के तहत प्रदान की गई सीमित अधिकारिता से अधिक है।
- UGC की मौजूदा परामर्शी तंत्र को कमजोर किया गया है, और यह बिल शिक्षा मंत्रालय को HEIs को एकतरफा रूप से निधि आवंटित करने की अनुमति देता है।
- IITs, IIMs और Inter‑University Centres (IUCs) जैसे प्रमुख संस्थानों की स्वायत्तता को सीमित किया गया है।
महत्वपूर्ण तथ्य
• बिल केंद्रीय, राज्य‑वित्त पोषित और निजी विश्वविद्यालयों को समान रूप से मानता है, जिससे वर्तमान में मौजूद विभेदित शासन ढाँचा हट जाता है।
• Section 13 of the UGC Act — legislation that mandates UGC inspections only after consulting the concerned university, ensuring financial and academic पारदर्शिता।
