Overview
WHO ने भारत सरकार से कोटा, राजस्थान में अस्पतालों को आपूर्ति किए गए कथित नकली ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन के विवरण मांगे हैं। मई 2026 में सिजेरियन डिलीवरी के बाद पाँच महिलाओं की मृत्यु हुई। संयुक्त निरीक्षणों के बाद पंजाब और हिमाचल प्रदेश में Jackson Laboratories की दो निर्माण इकाइयों के लाइसेंस रद्द कर दिए गए।
Key Developments
- WHO ने सार्वजनिक स्वास्थ्य जोखिम का आकलन करने के लिए जानकारी का एक नियमित अनुरोध भेजा।
- CDSCO ने राज्य दवा नियामकों के साथ मिलकर कारखानों का GMP अनुपालन के लिए निरीक्षण किया।
- देखे गए कमियों के आधार पर, राज्य लाइसेंसिंग प्राधिकरणों ने संबंधित इकाइयों के निर्माण लाइसेंस रद्द कर दिए।
- यूनियन स्वास्थ्य मंत्रालय ने मौतों पर विस्तृत रिपोर्ट के लिए राजस्थान सरकार से अनुरोध किया है।
- अधिकारियों ने बताया कि WHO की पूछताछ मानक फार्माकोविजिलेंस का हिस्सा है और इसे उत्पाद के खिलाफ निष्कर्ष नहीं माना जाना चाहिए।
Important Facts
5 मई से 17 मई 2026 के बीच कोटा में JK Lone Hospital और Government Medical College के सुपर स्पेशलिटी विंग में पाँच महिलाओं की मृत्यु हुई। संदिग्ध इंजेक्शन स्थानीय वितरक द्वारा आपूर्ति किए गए थे। संयुक्त निरीक्षण टीमों ने GMP के साथ गैर‑अनुपालन की रिपोर्ट की, जिससे लाइसेंस रद्द हुआ। WHO का अनुरोध यह निर्धारित करने के लिए है कि समस्या केवल कोटा तक सीमित है या उत्पाद को कहीं और निर्यात किया गया है।
Exam Relevance
WHO, CDSCO और राज्य दवा नियामकों की भूमिकाओं को समझना भारत के स्वास्थ्य क्षेत्र में बहु‑स्तरीय शासन संरचना को दर्शाता है। यह मामला नियामक निगरानी — निरंतर निरीक्षण — के महत्व को उजागर करता है।