Overview
14वां WTO Ministerial Conference (MC14) 26 March 2026 को Yaounde, Cameroon में, Luc Magloire Mbarga Atangana की अध्यक्षता में शुरू हुआ। India की प्रतिनिधिमंडल, जिसका नेतृत्व Commerce Minister Piyush Goyal कर रहे हैं, तीन विवादास्पद मुद्दों पर केंद्रित है – e‑transmission duty moratorium का नवीनीकरण, IFD Agreement को Marrakesh Agreement में शामिल करना, और Public Stockholding (PSH) programme के लिए स्थायी समाधान।
Key Developments at MC14
- e‑Transmission Duty Moratorium: United States एक स्थायी मोरेटोरियम का प्रस्ताव रखता है। India, अन्य विकासशील देशों के साथ मिलकर, इसका विरोध करता है, यह तर्क देते हुए कि डिजिटल व्यापार विकसित अर्थव्यवस्थाओं की बड़ी‑टेक कंपनियों द्वारा प्रभुत्व रखता है और यह मोरेटोरियम India को अनुमानित US$1 billion वार्षिक कर राजस्व से वंचित करता है।
- Investment Facilitation for Development (IFD): Marrakesh Agreement में IFD Agreement को सम्मिलित करने के लिए एक अनुरोध किया जाएगा। India चेतावनी देता है कि एक बहुपक्षीय मार्ग दो‑स्तरीय WTO बना सकता है, जिससे कृषि सब्सिडी जैसे मुद्दे किनारे पर रह जाएंगे और प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं को लाभ होगा।
- Public Stockholding (PSH) programme: India एक स्थायी WTO समाधान चाहता है, जिसमें खाद्य‑सब्सिडी सीमा की गणना करने वाले सूत्र की संशोधन और बाहरी संदर्भ कीमतों को अपडेट करना (वर्तमान में 1986‑88 के डेटा पर आधारित) शामिल है।
- Fisheries Subsidies: MC12 के AFS परिणाम पर आधारित होकर, चर्चाएँ कार्यान्वयन की निगरानी करेंगी और विकासशील‑देशों के मछुआरों की चिंताओं को संबोधित करेंगी।
Important Facts & Institutional Context
WTO की decision‑making hierarchy तीन स्तरों से बनी है: द्विवार्षिक
