Key Insight
सरकार ने ₹1 लाख करोड़ RDI Scheme और ₹10,371 करोड़ IndiaAI Mission लॉन्च किया है ताकि स्वावलंबी AI इकोसिस्टम बनाया जा सके।
Key Facts
- RDI Scheme 03 Nov 2025 को लॉन्च किया गया, जिसमें ₹1 लाख करोड़ का कोरपस छह वर्षों के लिए निर्धारित किया गया, ताकि रणनीतिक क्षेत्रों, विशेषकर AI में निजी R&D को प्रोत्साहित किया जा सके।
- IndiaAI Mission को Mar 2024 में कैबिनेट द्वारा मंजूरी मिली; यह पाँच‑वर्षीय, ₹10,371.92 करोड़ का कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य कंप्यूट, मॉडल, डेटा, एप्लिकेशन, स्किलिंग और गवर्नेंस को शामिल करते हुए एक समावेशी AI इकोसिस्टम बनाना है।
- Special Purpose Fund (SPF) को Anusandhan National Research Foundation (ANRF) के तहत बनाया गया है ताकि RDI कोरपस का प्रबंधन किया जा सके; Technology Development Board (TDB) और BIRAC द्वितीय‑स्तर के फंड प्रबंधकों के रूप में कार्य करेंगे।
- National Mission on Interdisciplinary Cyber‑Physical Systems (NM‑ICPS) 25 Technology Innovation Hubs (TIHs) स्थापित करेगा, जो AI, रोबोटिक्स, IoT, साइबरसुरक्षा और क्वांटम प्रौद्योगिकियों के लिए होंगे।
- Bharat‑Gen, एक स्वदेशी मल्टीमॉडल, बहुभाषी जेनरेटिव AI मॉडल है जो 22 भारतीय भाषाओं को समर्थन देता है, इसे NM‑ICPS और IndiaAI Mission के तहत विकसित किया जा रहा है।
- स्वास्थ्य, कृषि और सतत शहरों के लिए तीन सेक्टर‑विशिष्ट AI Centres of Excellence (CoEs) को मंजूरी मिली है, जिन्हें प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों में स्थापित किया जाएगा।
- सभी पहलों का समन्वय Ministry of Science & Technology द्वारा किया जाता है और ये National AI Strategy के साथ संरेखित हैं, जिसका लक्ष्य AI में स्वावलंबन (Atmanirbhar) हासिल करना है।
Background
सरकार AI को एक रणनीतिक प्रौद्योगिकी के रूप में स्थापित कर रही है, इसे व्यापक Science & Technology एजेंडा और Atmanirbhar Bharat विज़न के साथ एकीकृत कर रही है। समर्पित फंड, अनुसंधान हब और भाषा‑समावेशी मॉडल बनाकर, यह विदेशी AI प्लेटफ़ॉर्म पर निर्भरता कम करना, निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाना, और स्वास्थ्य, कृषि तथा शहरी स्थिरता में सेक्टोरल चुनौतियों का समाधान करना चाहती है।
UPSC Syllabus
- Essay — Science, Technology and Society
- Essay — Economy, Development and Inequality
- GS3 — Developments in science and technology and their applications