कठोर पुनः-उपयोग सामग्री नियम भारत की परिपत्र अर्थव्यवस्था एजेंडा को आगे बढ़ाते हैं
यह संशोधन भारत की प्लास्टिक कचरा नीति के फोकस को केवल EPR ढाँचे के तहत संग्रह से एक बाजार‑प्रेरित परिपत्र‑अर्थव्यवस्था मॉडल की ओर बदलता है, जो पुनः‑उपयोग सामग्री को अनिवार्य करता है। यह उत्पादक जिम्मेदारी को लागू करने की शासन चुनौतियों को दर्शाता है, साथ ही पर्यावरणीय लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए आर्थिक उपकरणों का उपयोग करता है।
GS III – 2026 के संशोधन की प्रभावशीलता पर चर्चा करें, जो भारत की विस्तारित उत्पादक जिम्मेदारी (Extended Producer Responsibility) प्रणाली को सुदृढ़ करता है और परिपत्र अर्थव्यवस्था पर इसके प्रभावों को उजागर करता है। (प्रश्न में नीति डिजाइन, कार्यान्वयन अंतराल का मूल्यांकन और सुधार सुझाने को कहा जा सकता है।)
Plastic Waste Management Rules – रीसाइक्ल्ड कंटेंट लक्ष्य
कार्यान्वयन मुद्दे – EPR & Circular Economy
Circular Economy, EPR, नीति डिजाइन एवं शासन
कठोर पुनः-उपयोग सामग्री नियम भारत की परिपत्र अर्थव्यवस्था एजेंडा को आगे बढ़ाते हैं
यह संशोधन भारत की प्लास्टिक कचरा नीति के फोकस को केवल EPR ढाँचे के तहत संग्रह से एक बाजार‑प्रेरित परिपत्र‑अर्थव्यवस्था मॉडल की ओर बदलता है, जो पुनः‑उपयोग सामग्री को अनिवार्य करता है। यह उत्पादक जिम्मेदारी को लागू करने की शासन चुनौतियों को दर्शाता है, साथ ही पर्यावरणीय लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए आर्थिक उपकरणों का उपयोग करता है।
GS III – 2026 के संशोधन की प्रभावशीलता पर चर्चा करें, जो भारत की विस्तारित उत्पादक जिम्मेदारी (Extended Producer Responsibility) प्रणाली को सुदृढ़ करता है और परिपत्र अर्थव्यवस्था पर इसके प्रभावों को उजागर करता है। (प्रश्न में नीति डिजाइन, कार्यान्वयन अंतराल का मूल्यांकन और सुधार सुझाने को कहा जा सकता है।)