अवलोकन
Manipal Centre for Natural Sciences, ISRO और अन्य शैक्षणिक संस्थानों के वैज्ञानिकों ने सूर्य के निचले वायुमंडल में छोटे, अल्पकालिक ब्राइटनिंग्स की पहचान की है जो प्रमुख सौर फ्लेयर से कुछ घंटे पहले प्रकट होते हैं। ये ब्राइटनिंग्स उसी सटीक स्थान पर एकत्रित होते हैं जहाँ बाद में फ्लेयर उत्पन्न होता है।
मुख्य विकास
- Aditya‑L1 अंतरिक्षयान पर तीन पेलोड्स से समकालिक अल्ट्रावायलेट (UV) और X‑ray डेटा एकत्र किया गया।
- Solar Ultraviolet Imaging Telescope (SUIT) ने Mg II h फ़िल्टर में कई अस्थायी ब्राइटनिंग घटनाओं को दर्ज किया।
- पूरक X‑ray उपकरण – Solar Low Energy X‑ray Spectrometer (SoLEXS) और High Energy L1 Orbiting X‑ray Spectrometer (HEL1OS) ने इन कई ब्राइटनिंग्स के लिए मिलते‑जुलते X‑ray संकेतों को कैप्चर किया।
- विश्लेषण दर्शाता है कि बार‑बार छोटे‑स्तर की ऊर्जा रिलीज़ सक्रिय क्षेत्रों में चुंबकीय क्षेत्रों को अस्थिर कर सकती है, अंततः एक बड़े फ्लेयर को उत्पन्न करती है।
महत्वपूर्ण तथ्य
• अस्थायी घटनाएँ संक्षिप्त होती हैं, केवल कुछ मिनटों तक रहती हैं, और मुख्य फ्लेयर से कुछ घंटे पहले प्रकट होती हैं।
• कुछ घटनाएँ दोनों UV और X‑ray संकेत दिखाती हैं, जिससे चुंबकीय ऊर्जा रिलीज़ की पुष्टि होती है।
• इन घटनाओं का भविष्य के फ्लेयर स्थल के आसपास एकत्रित होना कारणात्मक संबंध का संकेत देता है।