Key Insight
बस्तर में माओवादी खतरे को लगभग समाप्त घोषित किया गया, सुरक्षा‑विकास लिंक को उजागर करते हुए IBC सुधार पास हुए
Key Facts
- 30 Mar 2026: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि बस्तर में माओवादी हिंसा ‘लगभग समाप्त’ हो गई है।
- रेड कॉरिडोर 12 राज्यों में फैला है; पहले वहाँ 12 करोड़ लोग लगातार गरीबी में रहते थे।
- विद्रोह की शुरुआत से लगभग 20,000 जीवन खो गए हैं, जिसमें 5,000 सुरक्षा कर्मी शामिल हैं।
- लोकसभा ने चयन समिति की जांच के बाद इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (संशोधन) बिल, 2025 को पारित किया।
- राज्यसभा ने उसी दिन सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सेज (जनरल एडमिनिस्ट्रेशन) बिल पर बहस की।
- IBC संशोधन का उद्देश्य इन्सॉल्वेंसी समाधान समय को कम करना और लेनदारों की वसूली में सुधार करना है।
- बस्तर, छत्तीसगढ़ का एक जनजातीय‑प्रधान जिला, ऐतिहासिक रूप से LWE का हॉटस्पॉट रहा है।
Background
लेफ्ट‑विंग एक्सट्रीमिज़्म (LWE) सामाजिक‑आर्थिक वंचना के कारण रेड कॉरिडोर में जारी रहा है। सरकार की ‘सुरक्षा‑विकास’ दृष्टिकोण काउंटर‑इंसर्जेंसी ऑपरेशन्स को कल्याण योजनाओं के साथ जोड़ता है, जबकि IBC संशोधन जैसे विधायी सुधार व्यापक आर्थिक शासन प्राथमिकताओं को दर्शाते हैं।
UPSC Syllabus
- Prelims_GS — National Current Affairs
- GS3 — Linkages between development and spread of extremism
- Prelims_GS — Constitution and Political System
- GS2 — Parliament and State Legislatures - structure, functioning, powers and privileges
- Essay — Economy, Development and Inequality
- GS1 — Social Empowerment, Communalism, Regionalism and Secularism
- GS1 — Poverty and Developmental Issues
- GS3 — Government Budgeting
- GS4 — Concept of public service, philosophical basis of governance and probity
Mains Angle
GS‑2: विश्लेषण करें कि बस्तर में माओवादी गिरावट की घोषणा आंतरिक सुरक्षा उपायों और विकास नीतियों के अंतर्संबंध को कैसे दर्शाती है; GS‑3: IBC संशोधन बिल, 2025 का कॉरपोरेट संकट समाधान पर प्रभाव का मूल्यांकन करें।