The Bangalore Water Supply and Sewerage Board (BWSSB) ने अपनी जल‑संरक्षण रणनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव की घोषणा की है। गैर‑अनुपालन संरचनाओं पर मासिक जुर्माना लगाने के बजाय, बोर्ड अब बेंगलुरु में योग्य इमारतों में Rain Water Harvesting (RWH) सिस्टम स्थापित करेगा।
मुख्य विकास
- RWH सभी नए निर्माणों के लिए अनिवार्य हो जाता है, यदि प्लॉट का आकार 30 × 40 ft या उससे बड़ा हो।
- जो इमारतें इस मानक को अनदेखा करती हैं, वे वर्तमान में penalty का भुगतान करती हैं, जो औसतन ₹4.56 crore per month है, कुल 49,431 संरचनाओं में।
- BWSSB स्थापना लागत को चरणों में वसूलेगा, जो प्रत्येक उपभोक्ता द्वारा वर्तमान में भुगतान की जाने वाली मासिक penalty राशि के बराबर होगी।
- प्रस्तावित RWH यूनिट की लागत ₹8,000‑₹10,000 है, 2,400 sq ft के built‑up area वाली इमारत के लिए।
- यह सिस्टम >90% जल‑रिकवरी दर का दावा करता है, जिसमें 60‑micron mesh और गुरुत्वाकर्षण‑आधारित फ़िल्ट्रेशन का उपयोग किया जाता है।
महत्वपूर्ण तथ्य
BWSSB के पायलट चरण ने पहले ही 75 locations पर RWH यूनिट स्थापित कर ली हैं, जो प्रभावी जल संग्रह को दर्शाती हैं और शहर‑व्यापी विस्तार को प्रोत्साहित करती हैं। बोर्ड ने यह रेखांकित किया है कि नई स्थापितियों से उपभोक्ताओं के मासिक जल बिल में कमी आएगी, साथ ही इस वर्ष अपेक्षित weak monsoon के दबाव को भी कम किया जाएगा।
UPSC प्रासंगिकता
इस पहल को समझना कई UPSC विषयों को छूता है: BWSSB राज्य‑स्तर की शहरी शासन और पर्यावरणीय नीतियों के कार्यान्वयन का उदाहरण है। दंडात्मक जुर्मानों से सक्रिय बुनियादी ढांचे की ओर बदलाव सरकार के व्यापक water‑security एजेंडा के साथ मेल खाता है, जो GS3 (पर्यावरण एवं अर्थव्यवस्था) में बार‑बार आता है। इसके अलावा, वित्तीय मॉडल—स्थापना लागत को मौजूदा penalty प्रवाह के माध्यम से वसूलना—नवाचारी राजकोषीय प्रबंधन को दर्शाता है, जो सार्वजनिक वित्त और नियामक तंत्र पर प्रश्नों के लिए प्रासंगिक है।
आगे का रास्ता
अंतिम अनुमोदन आगामी ... के लिए निर्धारित है।