Cabinet Committee ने HPCL Rajasthan Refinery के लिए लागत वृद्धि को मंजूरी दी
On Wednesday, 8 April 2026, the Cabinet Committee on Economic Affairs (CCEA) ने HPCL Rajasthan Refinery Ltd की परियोजना लागत में उल्लेखनीय वृद्धि को मंजूरी दी। लागत ₹43,129 crore से बढ़कर ₹79,459 crore हो गई, जो 84% वृद्धि है, और यह घरेलू petrochemicals सेक्टर को मजबूत करने की रणनीतिक पहल को दर्शाता है।
मुख्य विकास
- परियोजना लागत 84% बढ़ी, ₹43,129 crore से ₹79,459 crore तक पहुंची।
- HPCL अतिरिक्त ₹8,962 crore इक्विटी के रूप में निवेश करेगा।
- इंजेक्शन के बाद HPCL द्वारा कुल इक्विटी निवेश ₹19,600 crore रहेगा।
- यह कदम भारत की घरेलू पेट्रोकेमिकल उत्पादन क्षमता को बढ़ाने और आयात पर निर्भरता को कम करने के लिए उठाया गया है।
महत्वपूर्ण तथ्य
₹8,962 crore की अतिरिक्त इक्विटी एक नई पूंजी निवेश को दर्शाती है, जिसका उपयोग रिफ़ाइनिंग क्षमता का विस्तार, नई पेट्रोकेमिकल इकाइयों की स्थापना, और मौजूदा बुनियादी ढांचे को अपग्रेड करने में किया जाएगा। ₹79,459 crore की संशोधित परियोजना लागत रिफ़ाइनरी को भारतीय तेल क्षेत्र के सबसे बड़े एकल‑निवेश परियोजनाओं में से एक बनाती है। यह निर्णय रणनीतिक उद्योगों में सरकार की व्यापक “स्व‑निर्भरता” (Atmanirbhar Bharat) नीति को प्रतिबिंबित करता है।
UPSC प्रासंगिकता
इस विकास को समझना GS‑III (Economy) अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण है। यह दर्शाता है:
- कैसे equity investment तंत्र को एक सार्वजनिक क्षेत्र की इकाई द्वारा निधियों को जुटाने के लिए उपयोग किया जाता है।
- CCEA की भूमिका i