CDSCO ने ड्रग अनुमोदन को सरल बनाने के लिए डॉसियर‑आधारित लाइसेंसिंग और फास्ट‑ट्रैक NOCs पेश किए – 2026 सुधार — UPSC Current Affairs | March 27, 2026
CDSCO ने ड्रग अनुमोदन को सरल बनाने के लिए डॉसियर‑आधारित लाइसेंसिंग और फास्ट‑ट्रैक NOCs पेश किए – 2026 सुधार
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने CDSCO के माध्यम से 2026 के कई सुधार लागू किए हैं—डॉसियर‑आधारित लाइसेंसिंग, प्रयोगशाला परीक्षण के लिए तुरंत NOCs, BA/BE अध्ययन के लिए ऑनलाइन सूचना, और नए डिजिटल पोर्टल—जो ड्रग अनुमोदन को तेज़ करने और नियामक बाधाओं को कम करने में मदद करेंगे। ये उपाय निर्यात प्रमाणपत्रों को संरेखित करते हैं, प्रीक्लिनिकल विषाक्तता डेटा को स्वीकारते हैं, और पोस्ट‑मार्केट निगरानी को मजबूत करते हैं, जिससे भारत के फ़ार्मास्यूटिकल क्षेत्र में अधिक नवाचार‑मित्र और पारदर्शी व्यवस्था का संकेत मिलता है।
अवलोकन The Ministry of Health and Family Welfare and the CDSCO ने 2026 में कई नियामक सुधारों की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य ड्रग‑निर्माण अनुमोदनों को सरल बनाना, क्लिनिकल परीक्षण को तेज़ करना, और पोस्ट‑मार्केट निगरानी को मजबूत करना है। मुख्य विकास (2026) 25 Feb 2026 – ड्रगों के लिए डॉसियर‑आधारित लाइसेंसिंग हेतु एक गाइडेंस डॉक्यूमेंट जारी किया गया। 23 Feb 2026 – प्रयोगशाला परीक्षण के लिए तुरंत NOCs प्रदान करके नई दवाओं के अनुमोदन को फास्ट‑ट्रैक करने हेतु सर्कुलर जारी किया गया। 21 Jan 2026 – निर्यात‑उन्मुख दवाओं के BA/BE अध्ययन के लिए पूर्व अनुमति को ऑनलाइन सूचना तंत्र से बदल दिया गया। 02 Jan 2026 – नई वैक्सीन, एंटी‑TB दवाओं और रक्त उत्पादों को शामिल करते हुए Indian Pharmacopoeia 2026 जारी किया गया। Free Sale Certificates की वैधता को निर्माण लाइसेंसों के साथ संरेखित किया गया। July 2024 सर्कुलर – पशु परीक्षण को कम करने के लिए मौजूदा प्रीक्लिनिकल विषाक्तता डेटा को स्वीकार किया गया। Drugs and Cosmetics Act के तहत कुछ शक्तियों को वरिष्ठ CDSCO अधिकारियों को सौंपा गया, जिससे तेज़ निर्णय‑लेना संभव हुआ। डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म लॉन्च: ONDLS और SUGAM Labs