फ्रेंच अंतरिक्ष एजेंसी CNES ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि भारतीय लॉन्च वाहन की हालिया विफलताएँ उसके भारतीय साझेदार, ISRO में भरोसे को प्रभावित नहीं करतीं। यह बयान तब आया है जब दोनों एजेंसियां Indo‑French TRISHNA मिशन को PSLV पर अगले वर्ष लॉन्च करने की तैयारी कर रही हैं।
मुख्य विकास
- CNES COO Lionel Suchet ने कहा कि अंतरिक्ष सहयोग में भरोसा आवश्यक है और ISRO की क्षमताओं में भरोसा दोहराया।
- दो हालिया PSLV असफलताएँ: PSLV‑C62 (Jan 12 2026) जिसमें EOS‑N1 था और PSLV‑C61 (May 18 2025) जिसमें EOS‑09 था, दोनों तीसरे चरण की गड़बड़ी के कारण विफल रहे।
- CNES Director of Europe and International Affairs Christophe Venet ने दोहराया कि लॉन्च जोखिम स्वाभाविक हैं लेकिन साझेदारी में भरोसा मजबूत बना रहता है।
- TRISHNA सैटेलाइट दो पेलोड रखेगा: CNEN से एक TIR पेलोड और ISRO से एक VNIR‑SWIR पेलोड।
TRISHNA मिशन के महत्वपूर्ण तथ्य
मिशन का उद्देश्य सतह तापमान, उत्सर्जनशीलता और जैवभौतिक चर पर उच्च स्थानिक और कालिक रिज़ॉल्यूशन डेटा प्रदान करना है। ऐसे डेटा क्षेत्रीय से वैश्विक स्तर तक सतह ऊर्जा बजट की गणना के लिए महत्वपूर्ण हैं। ISRO इस सैटेलाइट की भूमिका को जल और खाद्य सुरक्षा को संबोधित करने में उजागर करता है, जिसमें इवापोट्रांस्पिरेशन की निगरानी शामिल है, जो फसल जल उपयोग और जलवायु‑प्रेरित तनाव का प्रमुख संकेतक है।
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