समीक्षा
Union Ministry of Coal ने ecologically sensitive Hasdeo Aranya में Tara (Revised) कोयला ब्लॉक का नीलाम किया। इस नीलाम ने राज्य सरकार, विपक्षी दलों और वन‑अधिकार कार्यकर्ताओं को शामिल करते हुए एक नई राजनीतिक और पर्यावरणीय विवाद को जन्म दिया।
मुख्य विकास
- 15वीं राउंड नीलाम (September 2026): ब्लॉक को CG Syn‑Gas and Chemicals Limited को दिया गया, जो Mundra Synergy की सहायक कंपनी है, और Adani Enterprises से जुड़ी है।
- राज्य आपत्तियाँ: पूर्व CM Bhupesh Baghel (Congress) ने तर्क दिया कि >4,000 एकड़ घना जंगल साफ़ किया जाएगा, जिससे Lemru Elephant Reserve और एक मिलियन से अधिक पेड़ खतरे में पड़ेंगे।
- कानूनी पृष्ठभूमि: Supreme Court के आदेश के बाद अक्टूबर 2023 में ब्लॉक को डीनोटिफ़ाई किया गया; राज्य ने 2023 में नौ ब्लॉकों, जिसमें Tara भी शामिल है, को बाहर रखने की पहले से मांग की थी।
- राजस्व दावा: Ministry का कहना है कि ब्लॉक वार्षिक ₹1,200 crore उत्पन्न कर सकता है और राज्य के लिए 8,000 jobs बना सकता है।
- प्रक्रियात्मक सुरक्षा: CMDC कहता है कि किसी भी पेड़ को काटने या खनन से पहले वन मंजूरी और वैधानिक अनुमोदन आवश्यक हैं।
महत्वपूर्ण तथ्य
ब्लॉक लगभग 5,000 एकड़ में फैला है, जिसमें 4,000 एकड़ से अधिक घना जंगल के रूप में वर्गीकृत है। कार्यकर्ता 450 प्रजातियों की उपस्थिति का उल्लेख करते हैं, जिसमें 20 गंभीर रूप से लुप्तप्राय टैक्सा शामिल हैं, और Adivasi समुदायों की वन संसाधनों पर निर्भरता। Hasdeo River, जो Mahanadi की एक सहायक नदी है, उसी क्षेत्र में उत्पन्न होती है, जिससे खनन मुद्दा जल सुरक्षा से जुड़ता है।
UPSC प्रासंगिकता
• पर्यावरणीय शासन: यह मामला कोयला‑आधारित ऊर्जा नीति और जैव विविधता संरक्षण के बीच तनाव को दर्शाता है, जो GS3 (Environment) में एक आवर्ती विषय है।
• संघ‑राज्य संबंध: ब्लॉक के बारे में विवाद