अवलोकन: On June 19, 2026, Congress Rajya Sabha MP Jairam Ramesh ने Great Nicobar Island Project की Environment Minister Bhupender Yadav की रक्षा को “निराशाजनक और असंतोषजनक” कहा। उन्होंने मंत्रालय पर “असाधारण स्तर की गैर‑पारदर्शिता” का आरोप लगाया, क्योंकि उन्होंने परियोजना के पर्यावरणीय सुरक्षा उपायों से संबंधित रिपोर्ट, अध्ययन और योजनाएँ रोक रखी थीं।
मुख्य विकास
- Ramesh का उत्तर 13 जून 2026 को लिखे पत्र के जवाब में था, जो स्वयं 3 जून 2026 को उनके संचार का उत्तर था। यह आदान‑प्रदान एक साल‑लंबी पत्राचार का हिस्सा है।
- मंत्री ने National Green Tribunal (NGT) के 16 फरवरी 2026 के निर्णय का हवाला दिया, जिसने परियोजना के लिए मार्ग साफ किया, यह कहते हुए कि रणनीतिक महत्व ने “हस्तक्षेप के लिए कोई उचित कारण नहीं छोड़ा”।
- NGT ने भी Environmental Clearance (EC) शर्तों के कड़ाई से पालन का निर्देश दिया और केंद्र की High‑Powered Committee (HPC) रिपोर्ट को गोपनीय रखने की स्थिति को स्वीकार किया।
- अगस्त 2024 में Finance Ministry की बैठक ने बताया कि पोर्ट घटक, जिसकी कीमत ₹48,862 करोड़ है, “रणनीतिक उद्देश्यों की कमी रखता है”।
- परियोजना, जिसकी अनुमानित लागत ₹81,000 करोड़ है, में Galathea Bay पर एक अंतरराष्ट्रीय कंटेनर ट्रांसशिपमेंट पोर्ट, एक हवाई अड्डा, एक पावर प्लांट और एक ग्रीनफ़ील्ड टाउनशिप शामिल है। इसे लगभग एक मिलियन पेड़ काटने की आवश्यकता होगी और यह लेदर‑बैक कछुए के घोंसले स्थल को प्रभावित करेगा।
महत्वपूर्ण तथ्य
Ramesh ने तर्क दिया कि Expert Appraisal Committee (EAC) का मूल्यांकन “अधूरा और जल्दबाज़ी में” किया गया था। उन्होंने बताया कि मार्च 2024 से छह‑महीने की अनुपालन रिपोर्टें प्रकाशित नहीं हुई हैं। संरक्षण और शमन