समीक्षा
देश भर में कई शहरों में तापीय लहरें या समान परिस्थितियों का अनुभव हो रहा है। मानसून का मानसून देर से शुरू हुआ है, और 2026 का मानसून मौसम (जून‑सितंबर) संभावित एल निनो द्वारा प्रभावित होने की संभावना है। ये सभी कारक मिलकर जनसंख्या के लिए गंभीर ताप‑संबंधी संकट का जोखिम बढ़ाते हैं।
मुख्य विकास
- कई शहरी केंद्रों में तापमान सामान्य सीमा से अधिक हो रहा है, जिससे स्वास्थ्य सलाह जारी की गई है।
- मानसून का आगमन जलवायु औसत की तुलना में कई दिनों तक पीछे धकेल दिया गया है।
- IMD की भविष्यवाणियों में मुख्य मानसून महीनों के दौरान एल निनो की उच्च संभावना दर्शाई गई है।
- प्रभावित जिलों में जल‑रेशनिंग और हीट‑स्ट्रोक अलर्ट जैसी पूर्व‑सावधानी उपाय लागू किए जा रहे हैं।
महत्वपूर्ण तथ्य
- तापीय लहरें IMD द्वारा निर्धारित तापीय लहर मानदंडों के अनुसार परिभाषित की जाती हैं, जिसमें तीन या अधिक लगातार दिनों तक तापमान में वृद्धि शामिल है।
- भारतीय मानसून देश की वार्षिक वर्षा का लगभग 80 % योगदान देता है, जिससे इसका समय कृषि और जल संसाधनों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।