<h2>अवलोकन</h2>
<p>Delhi High Court ने 8 April 2026 को Union of India, X Corp, Delhi Police और पत्रकार Rana Ayyub को एक याचिका का जवाब देने का निर्देश दिया, जिसमें उनके X पर छह पोस्टों को हटाने की मांग की गई थी। ये पोस्ट, 2013‑2017 की तिथि वाली, हिंदू देवताओं को अपमानित करने, Veer Savarkar और Indian Army को बदनाम करने, और anti‑India भावना फैलाने का आरोप है।</p>
<h3>मुख्य विकास</h3>
<ul>
<li>न्यायाधीश Purushaindra Kumar Kaurav ने Union of India, X Corp, Delhi Police और Ayyub को नोटिस जारी किया, जिसमें अगले दिन तक उत्तर देने का अनुरोध किया गया।</li>
<li>अदालत ने तात्कालिकता पर ज़ोर दिया, पुलिस को निर्देश दिया कि वे संबंधित दस्तावेज X Corp को भेजें।</li>
<li>याचिका में भारतीय दंड संहिता के Section 153A, Section 295A और Section 505 के तहत prima‑facie अपराधों का उल्लेख किया गया है।</li>
<li>याचिकाकर्ता Amita Sachdeva, जो स्वयं को Sanatan Dharma की अनुयायी घोषित करती हैं, ने पहले National Cyber Crime Reporting Portal पर शिकायत दर्ज की थी और एक ट्रायल कोर्ट ने आरोपों को विश्वसनीय मानने के बाद FIR प्राप्त की।</li>
<li>X Corp की Grievance Appellate Committee ने हटाने की अनुरोध को अस्वीकार कर दिया, मामला sub judice बताया।</li>
<li>याचिका का तर्क है कि IT Rules 2021 (Rules 3(2) और 3A) के तहत सभी उपाय समाप्त करने के बाद भी पोस्ट सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हैं, जिससे सामुदायिक तनाव बढ़ रहा है।</li>
</ul>
<h3>महत्वपूर्ण तथ्य</h3>
<ul>
<li>2013‑2017 के बीच के छह X पोस्टों की जांच चल रही है।</li>
<li>FIR को "prima‑facie" ज्ञात अपराधों के आधार पर जारी किया गया।</li>
<li>याचिकाकर्ता ने Criminal Procedure Code के Section 156(3) का हवाला देकर FIR पंजीकरण को बाध्य किया।</li>
<li>मामला शुक्रवार को आगे की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध है।</li>
</ul>
<h3>UPSC प्रासंगिकता</h3>
<p>यह मामला UPSC के कई मुख्य क्षेत्रों को छूता है।</p>