समीक्षा
On 21 October 2026 the CAQM ने दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के लिए Stage I GRAP के लॉन्च की घोषणा की। यह कदम शहर के AQI के ‘खराब’ बैंड (201‑300) में प्रवेश करने के बाद आया। यह विकास UPSC अभ्यर्थियों के लिए पर्यावरण शासन और अंतर‑सरकारी समन्वय का एक प्रमुख केस स्टडी है।
मुख्य विकास (Stage I)
- दिल्ली और पड़ोसी राज्यों में डीजल जेनरेटर सेटों के नियमित उपयोग पर तत्काल प्रतिबंध।
- उद्योगों और वाहनों के लिए मौजूदा उत्सर्जन मानकों का कड़ा प्रवर्तन।
- राज्य सरकारों को इन उपायों को लागू करने के लिए आदेश जारी करने चाहिए; गैर‑अनुपालन पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
महत्वपूर्ण तथ्य
GRAP ढांचा चार चरणों में विभाजित है:
- Stage I – ‘खराब’ (AQI 201‑300)
- Stage II – ‘बहुत खराब’ (AQI 301‑400)
- Stage III – ‘गंभीर’ (AQI 401‑450)
- Stage IV – ‘गंभीर +’ (AQI > 450)
उच्च चरण अधिक कड़े उपायों को ट्रिगर करते हैं जैसे निर्माण, ध्वंस पर प्रतिबंध और गैर‑BS‑VI वाहनों का प्रवेश। उदाहरण के लिए, Stage III के तहत CAQM दिल्ली और गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, गाज़ियाबाद और गौतम बुद्ध नगर के उच्च जनसंख्या वाले जिलों में BS‑VI या उससे कम डीजल कारों को चलाने पर प्रतिबंध लगाता है। Stage IV ट्रक प्रवेश को और सीमित करता है, केवल BS‑VI, इलेक्ट्रिक, CNG या LNG ट्रकों को अनुमति देता है।
वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए मूल प्राधिकरण EPCA था, जिसे 1998 में सुप्रीम कोर्ट ने स्थापित किया था। वैधानिक समर्थन की कमी के कारण EPCA को 2021 में CAQM द्वारा प्रतिस्थापित किया गया, जो अब GRAP को लागू करता है।
एक हालिया विश्लेषण CREA (22 October 2026 को जारी) द्वारा किया गया, जिसमें पाया गया कि पिछले चार वर्षों में GR के बावजूद दिल्ली के शीतकालीन AQI में कोई निरंतर सुधार नहीं हुआ है।
Headline: Stage I GRAP सक्रियण वैधानिक शक्ति और केंद्र‑राज्य समन्वय को दिल्ली की वायु‑गुणवत्ता लड़ाई में उजागर करता है.