District Collector A. Shyam Prasad ने Jaladhara‑Jalaharathi 2.0 को बढ़ावा देकर Sri Sathya Sai District में भूजल को बढ़ाने का कदम उठाया
District Collector A. Shyam Prasad ने DWMA को जलधारा‑Jalaharathi 2.0 जल‑संरक्षण कार्यक्रम को तेज़ी से लागू करने का आदेश दिया है, जिसका उद्देश्य टैंकों, तालाबों और नहरों की मरम्मत करके El Niño‑प्रेरित कमी के बीच भूजल को बढ़ाना है। यह पहल, 5,200 से अधिक स्वीकृत कार्यों के साथ, जिसकी लागत ₹38.13 crore है, Rural Employment…
District Collector A. Shyam Prasad ने DWMA को Jaladhara‑Jalaharathi 2.0 कार्यक्रम को तेज़ी से लागू करने के लिए कहा है। यह कदम El Niño स्थितियों और देर से बारिश की संभावना के बीच आया है। मुख्य विकास 7,357 जल‑संबंधी कार्यों के लक्ष्य में से, 5,200 कार्य स्वीकृत किए गए हैं। 1,784 परियोजनाएँ पहले ही कार्यान्वित हो चुकी हैं, जिसकी लागत लगभग ₹38.13 crore है। 424 अतिरिक्त कार्यों के प्रस्ताव Mudikubba, Lepakshi, Mallacheruvu, Roddam और Hindupur मंडलों के लिए तैयार हैं। योजना में शामिल संरचनाओं में कृषि तालाब, खाइयाँ, डुबे हुए गड्ढे और सामुदायिक चरागाह शामिल हैं। अधिक श्रमिकों को Rural Employment Guarantee Scheme के तहत जुटाने के लिए अधिकारियों से आग्रह किया गया है, ताकि जल निकासी, चेक‑डैम निर्माण और टैंक पुनर्स्थापना को तेज़ किया जा सके। महत्वपूर्ण तथ्य जिला की तात्कालिक प्राथमिकता सभी टैंकों, तालाबों और नहरों की मरम्मत “युद्ध मोड” में करना है। जल निकासी से वह तलछट हटती है जो जल प्रवेश को रोकती है, जबकि check dams बाद में उपयोग के लिए runoff को संग्रहित करने में मदद करते हैं। टैंकों की पुनर्स्थापना पेयजल और सिंचाई जल का विश्वसनीय स्रोत सुनिश्चित करती है, जिससे अनियमित मानसून पर निर्भरता कम होती है। UPSC प्रासंगिकता यह मामला जल‑सुरक्षा नीतियों को लागू करने में जिला प्रशासन की भूमिका को दर्शाता है, जो GS 2 (राजनीति) और GS 3 (अर्थव्यवस्था एवं पर्यावरण) के अंतर्गत आता है। यह समझना कि Jaladhara‑Jalaharathi 2.0 जैसे कार्यक्रम जलवायु‑प्रेरित चुनौतियों जैसे ... से कैसे जुड़े हैं।
Quick Reference
Key Insight
जिला कलेक्टर ने El Niño‑प्रेरित भूजल हानि से मुकाबला करने के लिए जल‑संरक्षण को तेज़ किया।
Key Facts
- 7,357 जल‑संबंधी कार्यों का लक्ष्य; 5,200 कार्य स्वीकृत किए गए हैं।
- 1,784 परियोजनाएँ पहले ही शुरू हो चुकी हैं, जिसकी लागत लगभग ₹38.13 crore है।
- पांच मंडलों में 424 अतिरिक्त कार्य अनुमोदन के लिए तैयार हैं।
- योजना में कृषि तालाब, खाइयाँ, डुबे हुए गड्ढे और सामुदायिक चरागाह शामिल हैं।
- जल निकासी और चेक‑डैम निर्माण के लिए श्रमिक MGNREGA से प्राप्त किए जाएंगे।
Background
अनियमित मानसून और El Niño के कारण भूजल क्षय बढ़ रहा है। Jaladhara‑Jalaharathi 2.0 जैसे जिला‑स्तर के कार्यक्रम राष्ट्रीय जल‑सुरक्षा लक्ष्यों को लागू करते हैं और उन्हें रोजगार योजनाओं से जोड़ते हैं, जो UPSC पाठ्यक्रम के शासन और पर्यावरणीय आयामों को दर्शाते हैं।
UPSC Syllabus
- Essay — Economy, Development and Inequality
- GS1 — Poverty and Developmental Issues
Mains Angle
GS‑3 (पर्यावरण/अर्थव्यवस्था) – चर्चा करें कि कैसे MGNREGA द्वारा समर्थित जिला‑प्रशासनित जल‑संरक्षण कार्यक्रम जलवायु‑प्रेरित जल कमी को संबोधित करते हैं और सतत विकास को बढ़ावा देते हैं।