विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के राज्य (स्वतंत्र चार्ज) के केंद्रीय मंत्री, Dr Jitendra Singh, ने भारत के बायोटेक्नोलॉजी सेक्टर में निजी‑सेक्टर की अधिक भागीदारी की मांग की। यह आह्वान नई दिल्ली में बायोटेक्नोलॉजी इंडस्ट्री रिसर्च असिस्टेंस काउंसिल (BIRAC) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान किया गया। इसका फोकस स्वदेशी बायोटेक क्षमताओं को उद्योग और निवेशकों से जोड़कर वाणिज्यीकरण को तेज़ करने पर था।
Key Developments
- ₹1 lakh crore के रिसर्च, डेवलपमेंट और इनोवेशन (RDI Fund) के तहत BIRAC‑RDIF का कार्यान्वयन।
- पहला राष्ट्रीय प्रस्ताव कॉल 13 फ़रवरी 2026 को लॉन्च किया गया; 198 आवेदन प्राप्त हुए, विस्तृत ड्यू‑डिलिजेंस के लिए आठ संस्थाओं को शॉर्टलिस्ट किया गया।
- 1,700 से अधिक लाइफ़ साइंसेज़ ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCCs) को भारतीय बायोटेक इन्फ्रास्ट्रक्चर के साथ एकीकृत करने की योजना।
- स्वास्थ्य, पोषण, कृषि और कौशल विकास में बायोटेक‑नेतृत्व वाले सामाजिक नवाचार के लिए CSR फंड का उपयोग।
- जम्मू और वडोदरा हवाई अड्डों पर बायोटेक उपलब्धियों को प्रदर्शित करने और निवेशकों को आकर्षित करने के लिए ब्रांडिंग पहल।
- BIRAC स्टार्टअप इन्वेस्टर कनेक्ट प्लेटफ़ॉर्म का लॉन्च, जो निवेश‑तैयार बायोटेक स्टार्टअप्स को वेंचर कैपिटल और निजी निवेशकों से जोड़ता है।
Important Facts
फंड द्वारा कवर किया गया TRL रेंज 4 से 9 है। पात्र संस्थाएँ ₹5 crore से ₹200 crore तक प्राप्त कर सकती हैं, जो परियोजना लागत का अधिकतम 50 % कवर करता है। फंडिंग कोलेटरल‑फ्री दीर्घकालिक ऋण, इक्विटी या हाइब्रिड उपकरणों के रूप में प्रदान की जाती है, जिसका उद्देश्य निजी‑सेक्टर को प्रोत्साहित करना है।