साइबरक्राइम आय धन शोधन नेटवर्क से जुड़ी – मुख्य बिंदु
The Directorate of Enforcement (ED) ने बताया कि 28 Feb 2026 तक, उसने 257 cyber‑crime cases को Prevention of Money Laundering Act, 2002 (PMLA) के तहत लिया। इन जांचों ने अपराध की आय (PoC) ₹35,925.58 crore की पहचान की। जबकि राज्य‑वार साइबर‑क्राइम आय का डेटा नहीं रखा जाता, एजेंसी ने राज्य कानून‑प्रवर्तन एजेंसियों (LEAs) के साथ मजबूत सूचना‑साझाकरण तंत्र स्थापित किए हैं।
मुख्य विकास (2021‑2026)
- Ministry of Home Affairs के अटैच्ड ऑफिस के रूप में Indian Cyber Crime Coordination Centre (I4C) की स्थापना।
- National Cyber Crime Reporting Portal (NCRP) (https://cybercrime.gov.in) का लॉन्च, सभी साइबर अपराधों की रिपोर्टिंग के लिए, महिलाओं और बच्चों पर विशेष ध्यान के साथ।
- 2021 में Citizen Financial Cyber Fraud Reporting and Management System (CFCFRMS) की शुरुआत; 31 Jan 2026 तक इसने 24.65 lakh से अधिक शिकायतों से ₹8,690 crore से अधिक बचत की।
- ऑनलाइन साइबर‑शिकायत सहायता के लिए टोल‑फ्री हेल्पलाइन ‘1930’ का संचालन।
- I4C में Cyber Fraud Mitigation Centre (CFMC) का निर्माण, जिसमें बैंकों, पेमेंट एग्रीगेटर्स, टेलीकॉम, आईटी मध्यस्थों और राज्य LEAs को तेज़ प्रतिक्रिया के लिए एकत्र किया गया।
- 10 Sep 2024 को Suspect Registry का लॉन्च; 31 Jan 2026 तक इसने 23.05 lakh से अधिक संदिग्ध पहचानकर्ता प्रोसेस किए और ₹9,518.91 crore मूल्य के लेन‑देनों को ब्लॉक किया।
- Samanvaya Platform को LEA समन्वय के लिए एक Management Information System के रूप में सक्रिय किया गया, जिससे 21,857 आरोपी की गिरफ्तारी हुई और 1,49,636 cyb
