FSSAI के 2026 खाद्य सुरक्षा पहल: जोखिम‑आधारित निरीक्षण, प्रयोगशालाएँ, और उपभोक्ता शिकायत निवारण
स्वास्थ्य मंत्रालय की Food Safety and Standards Authority of India (FSSAI) ने अपने 2026 के कार्यों का विवरण दिया, जिसमें जोखिम‑आधारित निरीक्षण, थर्ड‑पार्टी ऑडिट, मोबाइल परीक्षण प्रयोगशालाओं का विस्तार, और उपभोक्ता शिकायत तंत्र को सुदृढ़ करना शामिल है। ये कदम राज्यों में खाद्य सुरक्षा प्रवर्तन को मजबूत करने, सुरक्षित और पोषक भोजन सुनिश्चित करने और नियामक अनुपालन को बेहतर बनाने के लिए हैं, जो UPSC अभ्यर्थियों के लिए राजनीति और शासन के अंतर्गत एक प्रमुख विषय है।
The FSSAI ने अपने 2026 खाद्य‑सुरक्षा कार्यक्रम पर एक व्यापक अपडेट जारी किया। फोकस जोखिम‑आधारित निरीक्षण, थर्ड‑पार्टी ऑडिट, प्रयोगशाला बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने, और एक मजबूत उपभोक्ता शिकायत प्रणाली पर है, जिससे भारत में सुरक्षित और पोषक भोजन सुनिश्चित हो सके। मुख्य विकास (2026) सभी उच्च‑जोखिम खाद्य वर्गों के लिए RBIS का कार्यान्वयन, जिसमें वार्षिक निरीक्षण अनिवार्य है। केंद्रीय लाइसेंस रखने वाले सभी FBOs को वार्षिक थर्ड‑पार्टी ऑडिट से गुजरना अनिवार्य है, जो FSSAI‑संबद्ध एजेंसियों द्वारा किया जाएगा। लाइसेंसिंग, निरीक्षण, सैंपलिंग, परीक्षण, क्षमता निर्माण, और उपकरण खरीद के लिए राज्यों को वित्तीय और तकनीकी सहायता प्रदान की जाएगी। 35 राज्यों/यूनियन टेरिटरी में 305 FSWs की तैनाती। पारदर्शिता और उपभोक्ता जागरूकता बढ़ाने के लिए Food Safety and Standards (Labelling and Display) Regulations, 2020 की अधिसूचना। उपयोग किए गए कुकिंग ऑयल पर कड़े उपाय: >50 L/दिन उपयोग के लिए रिकॉर्ड‑कीपिंग और >25 % कुल पोलर कंपाउंड वाले तेल पर प्रतिबंध। सज़ा उपायों को सुदृढ़ किया गया: सुधार नोटिस (धारा 32), लाइसेंस निलंबन/रद्दीकरण, दंड, न्यायिक कार्यवाही, और गैर‑अनुपालन पर अभियोजन। उपभोक्ता शिकायत पोर्टल (https://foscos.fssai.gov.in/consumergrievance/), ईमेल हेल्पलाइन, और टोल‑फ्री नंबर 1800‑11‑2100। महत्वपूर्ण तथ्य राज्य‑स्तर पर प्रवर्तन Designated Officers (DOs) और Food Safety Officers (FSOs) द्वारा किया जाता है। वर्तमान में, 2,997 FSOs और 668 DOs सक्रिय हैं। FSSAI ने 252 खाद्य‑परीक्षण प्रयोगशालाओं और 24 रेफ़रल लैबों को अपीलीय विश्लेषण के लिए अधिसूचित किया है। वित्तीय सहायता में हाई‑एंड/बेसिक लैब उपकरण, निरीक्षण टीमों के लिए वाहन, और पहलों के लिए समर्थन शामिल है।
Quick Reference
Key Insight
जोखिम‑आधारित निरीक्षण और मोबाइल लैब्स FSSAI की खाद्य‑सुरक्षा शासन को पूरे भारत में सुदृढ़ करते हैं
Key Facts
- सभी उच्च‑जोखिम खाद्य वर्गों के लिए अनिवार्य वार्षिक निरीक्षण के साथ Risk Based Inspection System (RBIS) को 2026 में लागू किया गया।
- 35 राज्यों/UTs में ऑन‑साइट मिलावट परीक्षण के लिए 305 Mobile Food Testing Laboratories (FSWs) तैनात किए गए।
- 2,997 Food Safety Officers (FSOs) और 668 Designated Officers (DOs) देशभर में खाद्य‑सुरक्षा मानदंडों को सक्रिय रूप से लागू कर रहे हैं।
- FSSAI ने मूल्यांकन और अपील विश्लेषण के लिए 252 food‑testing labs और 24 referral labs को सूचित किया है।
- Central‑licence FBOs को FSSAI‑empanelled एजेंसियों द्वारा वार्षिक थर्ड‑पार्टी ऑडिट से गुजरना अनिवार्य है।
- उपयोग किए गए कुकिंग ऑयल के नियम: >50 L/दिन उपयोग के लिए रिकॉर्ड‑कीपिंग और >25 % कुल पोलर कंपाउंड वाले तेल पर प्रतिबंध।
- Consumer grievance portal (foscos.fssai.gov.in) टोल‑फ्री 1800‑11‑2100 के साथ खाद्य‑सुरक्षा शिकायतों का निवारण सक्षम करता है।
Background
फ़ूड सेफ़्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 FSSAI को मानकों, लाइसेंसिंग और प्रवर्तन के माध्यम से सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा करने का अधिकार देता है। 2026 की पहलों में जोखिम‑आधारित शासन की ओर बदलाव दर्शाया गया है, जो प्रौद्योगिकी और डेटा का उपयोग करके नियामक पहुँच को बढ़ाता है, यह विषय UPSC सिलेबस में GS‑2 (राजनीति) और GS‑3 (अर्थव्यवस्था) के लिए केंद्रीय है।
UPSC Syllabus
- Essay — Economy, Development and Inequality
- Prelims_CSAT — Data Interpretation
- GS4 — Information sharing, transparency, RTI, codes of ethics and conduct
- GS3 — Cyber security and communication networks in internal security
- GS2 — Governance, transparency, accountability and e-governance
Mains Angle
मुख्य परीक्षा के उत्तर में, चर्चा करें कि जोखिम‑आधारित निरीक्षण, मोबाइल लैब्स और एक मजबूत शिकायत तंत्र कैसे एकीकृत केंद्र‑राज्य शासन को दर्शाते हैं और उपभोक्ता संरक्षण को सुदृढ़ करते हैं, जो GS‑2 और GS‑3 के लिए प्रासंगिक है।